
हिंदू पक्ष की मांग पर SC ने दी थी मंजूरी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में वजूखाने की सफाई शनिवार को की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर ये आदेश दिया
और कहा कि वहां पर साफ सफाई का काम जिलाधिकारी की देखरेख में किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई हुई।
3 जनवरी को याचिका पर उन्होंने जल्द सुनवाई का भरोसा दिया था।
वजूखाना में मछिलियों के मर जाने के बाद ये याचिका दाखिल की गई थी।
ज्ञानवापी मस्जिद के सील वजूखाने की शनिवार को होगी सफाई
राखी सिंह और अन्य बनाम यूपी राज्य और अन्य ने 2 जनवरी को एससी के
समक्ष एक आवेदन दायर किया था, जिसमें वुज़ुखाना के
अंदर मरी हुई मछलियों की मौजूदगी का हवाला देते हुए इसकी सफाई की मांग की गई थी।
विष्णु जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का मंगलवार का आदेश बुधवार देर
दोपहर तक अपलोड नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट
ने अपने आदेश में ज्ञानवापी के सील किए गए क्षेत्र की सफाई की अनुमति दी है,
जिसे डीएम वाराणसी की निगरानी में किया जाना चाहिए, जिसके बाद इसे फिर से सील कर दिया जाएगा।
ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस याचिका का विरोध नहीं किया था
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद (एआईएम)-ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन
समिति ने इस याचिका का विरोध नहीं किया था, क्योंकि
महिला वादी द्वारा एससी के समक्ष आवेदन दायर करने से पहले ही वह
जिला न्यायाधीश और डीएम के समक्ष इसी तरह के आवेदन प्रस्तुत कर चुकी थी।
16 मई, 2022 को एक अदालती आयोग के सर्वेक्षण के दौरान
एक शिवलिंग पाए जाने के दावे के बाद, अदालत के आदेश पर इस वुज़ुखाना को सील कर दिया गया था।
ज्ञानवापी मस्जिद के सील वजूखाने की शनिवार को होगी सफाई
पिछले साल अगस्त में दिल्ली की एक महिला राखी सिंह और
चार अन्य महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में श्रृंगार
गौरी और कुछ अन्य देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन की
अनुमति की माँग करते हुए एक याचिका दाख़िल की.
वाराणसी की एक निचली अदालत में दाख़िल अर्ज़ी में
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि ये देवी-देवता प्लॉट नंबर
9130 में मौजूद हैं जो विवादित नहीं है.
अर्ज़ी में कहा गया कि सर्वे कराके पूरे मामले को सुलझाया जाए.