
छापे के दौरान पुलिस ने घर से एक व्यक्ति को भागते हुए देखा
बयान में कहा गया है, ‘‘ छापे के दौरान पुलिस ने घर से एक व्यक्ति को भागते हुए देखा। सहायक
उपनिरीक्षक राजनाथ यादव ने उसे रूकने का आदेश दिया लेकिन उसने भागने की कोशिश की।
उसे पकड़ने के क्रम में गोलियां चलीं तथा उस व्यक्ति (हरि नारायण) के बांये कंधे में गोली लग गयी।’’
बयान के मुताबिक, इस घायल व्यक्ति को सुंदर पहाड़ी के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया
जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच, हरि नारायण के बड़े भाई
कामदेव पहाड़िया ने पुलिस के इस आरोप का खंडन किया कि वह घर से भाग रहा था।
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कामदेव ने कहा, ‘‘यह घटना नदी के तट पर हुई जहां मेरा भाई शौच कर रहा था। मेरे भाई को जान-बूझकर
गोली मारी गयी लेकिन हमें इसकी वजह का पता नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस पुलिसकर्मी
के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा जिसने उनके भाई पर गोली चलायी। कामदेव ने कहा, ‘‘ मेरा भाई
किसान था…..उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। वह परिवार में एकमात्र कमाने वाला था। अब उसकी
पत्नी एवं बच्चों की देखभाल कौन करेगा?’’ कामदेव ने उन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित
किये जाने की मांग की जो इस पुलिस दल का हिस्सा थे। उन्होंने उनके भाई पर कथित रूप से गोली
चलाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।