नई दिल्ली। टीम इंडिया के लिए खेलना हर भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है।
कई लोगों को इसमें सफलता मिलती है तो हजारों क्रिकेटरों को मायूसी। कुछ खिलाड़ी
ऐसे होते हैं जो टीम इंडिया में एंट्री ले लेते हैं लेकिन जगह कायम नहीं रख पाते,
और फिर वापसी के लिए जमकर पीसना बहाते हैं। ऐसे ही क्रिकेटर हैं खलील
अहमद। खलील को टी20 वर्ल्ड कप-2024 के लिए चुनी गई टीम इंडिया के
रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया है।खलील ने 2019 के बाद टीम इंडिया में वापसी
की है। बाएं हाथ का ये गेंदबाज इस समय आईपीएल-2024 में दिल्ली कैपिटल्स
के लिए खेल रहा है और बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। खलील वर्ल्ड कप के रिजर्व
खिलाड़ियों में जगह पाकर भी खुश हैं। इससे उन्हें एहसास हुआ है कि वह जो
मेहनत कर रहे थे वो रंग ला रही है। खलील ने 2019 के बाद टीम इंडिया में
वापसी की है। बाएं हाथ का ये गेंदबाज इस समय आईपीएल-2024 में दिल्ली
कैपिटल्स के लिए खेल रहा है और बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। इसी प्रदर्शन
को देखते हुए टीम के कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ ने उन पर भरोसा
जताया। खलील वर्ल्ड कप के रिजर्व खिलाड़ियों में जगह पाकर भी खुश हैं। इससे
उन्हें एहसास हुआ है कि वह जो मेहनत कर रहे थे वो रंग ला रही है।
जमकर की मेहनत
खलील ने बताया कि पिछले साल आईपीएल के बाद उन्होंने सिर्फ एक सप्ताह का ब्रेक
लिया और लगातार क्रिकेट खेला। एक तेज गेंदबाज के लिए प्रैक्टिस जितनी जरूरी है
उतना ही जरूरी आराम है लेकिन खलील ने अपनी जान जोखिम में डाल सिर्फ
अभ्यास किया और मैच खेले। उन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के
पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा, “पिछले आईपीएल के बाद, मैंने सिर्फ एक
सप्ताह का ब्रैक लिया है और मैं अपने सफर पर लगातार चल रहा हूं। मैंने ये
सुनिश्चित किया कि मैं सभी घरेलू मैच खेलूं। एक तेज गेंदबाज के तौर पर ये
काफी मुश्किल होता है।”उन्होंने कहा, “मैंने अपना मन बना लिया था कि चाहे
मुझे कुछ भी हो जाए, मैं सारे मैच खेलूंगा। मैंने पिछले साल अपने आपको
मानसिक रूप से पुश किया। मानसिक तौर पर आपको हर दिन लड़ना पड़ता है।
दिन और रात, क्योंकि मेरा जीवन सिर्फ क्रिकेट है।”
टीम इंडिया में वापसी के लिए इस गेंदबाज ने जोखिम में डाली जान
खलील ने कहा कि उन्हें आईपीएल में लगातार खेलने से कॉन्फिडेंस मिला। उन्होंने कहा
, “जिस तरह से बीते कुछ महीने गए हैं, मुझे लग रहा था कि कुछ अच्छा होने वाला है।
आईपीएल के मैच जैसे-जैसे बीते, मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ता चला गया। मुझे अहसास हुआ
कि मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं। आखिरकार मेरा नाम आ गया।”उन्होंने कहा
, “2019 काफी लंबा समया था। हर दिन मेरे दिमाग में यही चलता था। मैं जब भी
भारत को टीवी पर खेलते हुए देखता था तो मैं ये सोचता कि अगर इस जगह
मैं होता तो क्या करता। इसलिए हर दिन मेरे लिए लड़ाई थी.”
