
बहराइच जिले में बहराइच-गोंडा रेल प्रखंड पर ट्रेन की चपेट में
आने से मां-बेटे की मौत हो गयी। पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह
ने रविवार को बताया कि शनिवार शाम रोशनी गुप्ता (25) अपने
बेटे दिव्यांश (चार) के साथ बाजार गयी थी। लौटते वक्त वह
बहराइच-गोंडा रेल प्रखंड के रेलवे पिलर संख्या 59/21 के
निकट रेलवे लाइन पार करने के लिए खड़ी थी।उन्होंने
बताया कि इसी बीच, बहराइच से गोंडा की ओर जा रही
डेमो ट्रेन को देखकर बच्चा अपनी मां से हाथ छुड़ाकर
रेलवे लाइन की तरफ भागा। बच्चे को बचाने के लिए
उसकी मां भी पीछे-पीछे दौड़ी तभी ट्रेन आ गयी। उसकी
चपेट में आने से दोनों की मौत हो गयी। उन्होंने बताया
कि राजकीय रेलवे पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर
पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।
ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत
इस संबंध में बख्शीपुरा निवासी समाजसेवी अरूण कुमार
मिश्र ने बताया कि रेलवे लाइन के उस पार मोहल्लों व
बस्तियों में पांच हजार से अधिक बने पक्के मकानों में
करीब 30-35 हजार लोग रहते हैं। उन्होंने बताया कि
लोगों के आने-जाने के लिए कोई अंडर पास नहीं है,
वहींओवर ब्रिज के निर्माण के नाम पर तीन साल पहले
रेलवे क्रासिंग को बंद कर दिया गया था।उन्होंने बताया
कि एक और रास्ता है जिसपर दो फुट जलभराव के कारण
लोगों को बस्ती में जाने के लिए तीन किलोमीटर पैदल
चलना पड़ता है इसलिए लोग जान जोखिम में डाल कर
पटरी पार करते हैं।मिश्र ने बताया कि इस संबंध में सांसदों,
पूर्व सांसदों, विधायकों व एमएलसी के पत्रों सहित अनेक
प्रतिवेदन रेल मंत्री व रेलवे के अधिकारियों को दिए जा चुके
हैं मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी।