
ट्वीट विवाद के बाद भी अशोक चौधरी से नहीं हुआ नीतीश कुमार का मोहभंग
अशोक चौधरी ने अपने उस हालिया बयान पर स्पष्टीकरण दिया, जिसे लेकर कयास लगाए
जा रहे थे कि ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया गया है। चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक
पोस्ट में लिखा था, ‘‘बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए। एक दो बार समझाने से अगर कोई नहीं
समझ रहा है तो सामने वाले को समझाना, ‘छोड़ दीजिए’। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चे बड़े होने पर वो
खुद के निर्णय लेने लगे तो उनके पीछे लगना, छोड़ दीजिए। गिने-चुने लोगों से अपने विचार
मिलते हैं, अगर एक दो से नहीं मिलते तो उन्हें, छोड़ दीजिए। एक उम्र के बाद कोई आपको न
पूछे या कोई पीठ पीछे आपके बारे में गलत कह रहा है तो दिल पर लेना, छोड़ दीजिए।’’ मंत्री
ने पोस्ट में कहा, ‘‘अपने हाथ कुछ नहीं, ये अनुभव आने पर भविष्य की चिंता करना, छोड़
दीजिए। अगर इच्छा और क्षमता में बहुत फर्क पड़ रहा है तो खुद से अपेक्षा करना, छोड़
दीजिए। हर किसी का पद, कद, मद, सब अलग है इसलिए तुलना करना, छोड़ दीजिए।
बढ़ती उम्र में जीवन का आनंद लीजिए, रोज जमा खर्च की चिंता करना, छोड़ दीजिए।
उम्मीदें होंगी तो सदमे भी बहुत होंगे, यदि सुकून से रहना है तो उम्मीदें करना, छोड़
दीजिए।’’ हालांकि चौधरी ने दिन में कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की और
एक अन्य पोस्ट में उनके साथ की एक तस्वीर साझा की। मंत्री ने 1972 की फिल्म
‘अमर प्रेम’ के एक लोकप्रिय गीत की पहली पंक्ति को तस्वीर के कैप्शन के रूप में
इस्तेमाल करते हुएलिखा, ‘‘कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसलिए
कृपया सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान देना बंद करें।’’