
शरत ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘हम एक-दो सितारों पर निर्भर नहीं रह सकते
हमें एक ऐसी संरचना की आवश्यकता है
जो लगातार चैंपियन तैयार करे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘युवा प्रतिभाएं तो बहुत हैं
लेकिन मुख्य समस्या बदलाव के दौर की है… जब तक हम सही व्यवस्था नहीं अपनाते
हम जूनियर चैंपियन को सीनियर चैंपियन बनते नहीं देख पाएंगे।
दिग्गज अंचता शरत कमल का बयान, कहा- भारतीय टेबल टेनिस को लगातार चैंपियन देने के लिए एक व्यवस्था की जरूरत
भारत ने 2024 एशियाई चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीते जिसमें आयहिका
और सुतीर्था मुखर्जी ने महिला युगल में ऐतिहासिक पहला पदक जीता
जबकि महिला टीम स्पर्धा में भी पहली बार कांस्य पदक मिला। पेरिस ओलंपिक
में महिला टीम पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंची और प्री क्वार्टर फाइनल
में दुनिया की चौथे नंबर की रोमानियाई टीम को हराया। एकल मुकाबलों में मनिका
बत्रा और श्रीजा अकुला दोनों ही प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं।
शरत ने कहा, ‘‘असली चुनौती निरंतरता की है। एक पदक को दो होना चाहिए
और उसे पांच या छह तक बढ़ाना होगा।’’ शरत के अनुसार यह निरंतरता
एक व्यवस्थित योजना से आएगी जिसकी शुरुआत 11 साल की उम्र के बच्चों से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘2036 को देखते हुए हमें उन बच्चों से शुरुआत करनी होगी जो अभी 11 या 12 साल के हैं।
हम सभी इसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम जल्द ही एक व्यवस्थित बदलाव देखेंगे।