
नई दिल्ली। Weather Update Today: चिलमिलाती धूप और भीषण
गर्मी ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग की मानें तो पंजाब,
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और पश्चिम राजस्थान के अलग
-अलग स्थानों पर 31 मई को लू चलने की संभावना है। बता दें कि केवल राजस्थान
के फलोदी का तापमान 50 से ऊपर पार कर गया है, जिसको देखते हुए मौसम
विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, पंजाब के लिए भी IMD ने ऑरेंज
अलर्ट जारी किया है। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। राजस्थान के
फलोदी में तापमान 50 डिग्री के पार पहुंच गया है। IMD ने अत्यधिक गर्मी को
देखते हुए हरियाणा और राजस्थान के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं
पंजाब के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार दिल्ली राजस्थान
समेत कई राज्यों में 29 मई तक अत्यधिक गर्मी जारी रहने की उम्मीद है।
दिल्ली का मौसम
राजधानी दिल्ली में तापमान 44 से 48 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सीजन का दूसरा सबसे अधिक 45.
1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग की मानें तो 2-3 दिनों तक
लू की स्थिति से राहत मिलने की अभी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग के
अनुसार, दिल्ली में इस हफ्ते अधिकतम तापमान 44 से 48 डिग्री सेल्सियस के
बीच रहेगा।
पहाड़ी इलाकों में भी सता रही गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, विदर्भ के अलग
-अलग इलाकों में भी लू की स्थिति बनी रहेगी। बात करें उत्तराखंड के दून की तो यहां
का अधिकतम तापमान सोमवार को 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। मौसम
विभाग के अनुसार, मंगलवार को दून में आंशिक बादल छाए रह सकते है। बुधवार
को भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ने का अनुमान है। बता दें कि लगातार दो दिन से पहाड़ी
इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है।
दिल्ली-यूपी समेत चार राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
मानसून को लेकर मौसम विभाग ने ताजा अपडेट दिया है। इसके अनुसार, पूरे देश
में जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। वहीं, मध्य
भारत से दक्षिणी प्रायद्विपीय भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में भी सामान्य से अधिक
वर्षा होगी। इसके अलावा देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की
संभावना है, केवल उत्तर पश्चिम भारत के उत्तरी भाग के कई क्षेत्रों, पूर्वोत्तर भारत और
मध्य भारत के पूर्वी भाग और पूर्वी भारत के निकटवर्ती क्षेत्र को छोड़कर, जहां
सामान्य से लेकर सामान्य से नीचे बारिश की संभावना है।