
दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल के खिलाफ उठाते थे मुखर आवाज
बिधूड़ी 1981 से 1985 तक हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष भी रहे और इस दौरान उन्हें
कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला हासिल था। दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ विधायक वाली उपाधि के जिक्र के बगैर
बिधूड़ी की चर्चा पूरी नहीं हो सकती। 1993 में वह पहली बार बदरपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने
गए। इसके बाद फिर 2003 में विधायक बने। 2008 में तब के लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने
बिधूड़ी को ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक’ के पुरस्कार से सम्मानित किया था। फरवरी 2020 में दिल्ली में विधानसभा
चुनाव में वह चौथी बार बदरपुर सीट से चुने गए और वह तब से नेता प्रतिपक्ष का जिम्मा संभाल रहे
हैं।रामवीर सिंह बिधूड़ी ने 1970 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र कार्यकर्ता के रूप में अखिल
भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उनके
कार्यकाल के दौरान, उनके कॉरपोरेशन ने अपनी भंडारण क्षमता को दोगुना कर दिया और इसके
मुनाफे में 13 गुना वृद्धि हुई। यह अभूतपूर्व उपलब्धि किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/निगम
में बेजोड़ है। 2013 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया।
बिधूड़ी 2013 में एक बार फिर बदरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में विधायक
चुने गए। 2013 और 2014 के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों को करने के लिए अपने
विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का उपयोग करने में उन्हें प्रथम स्थान मिला।