
दुनिया में मची उथल-पुथल के बीच भारत उम्मीद की किरण बना
उन्होंने कहा, आज जब चर्चा का केंद्र चिंता ही है, तब भारत में चर्चा का विषय है
भारत की शताब्दी। दुनिया में मची उथल-पुथल के बीच भारत उम्मीद की एक
किरण बना है। जब दुनिया चिंता में डूबी है, तब भारत आशा का संचार कर रहा
है। मोदी ने कहा कि हालांकि भारत की अपनी चिंताएं हैं, लेकिन इसमें सकारात्मकता
की भावना है जो सभी भारत के लिए महसूस भी करते हैं।उन्होंने कहा, भारत
आज एक विकासशील देश भी है और उभरती हुई शक्ति भी है। हम गरीबी की
चुनौतियां भी समझते हैं और प्रगति का रास्ता बनाना भी जानते हैं। हमारी
सरकार तेजी से नीतियां बना रही है, निर्णय ले रही है, नए सुधार कर रही है।
उन्होंने कहा, आज भारत हर सेक्टर में, हर क्षेत्र में जिस तेजी से काम कर रहा
है, वह अभूतपूर्व है। भारत की गति, भारत का पैमाना अप्रत्याशित है।प्रधानमंत्री
ने अपने तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 125 दिनों में किए गए विभिन्न कार्यों का
उल्लेख करते हुए कहा कि अब भारत भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है
और यह 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प में भी दिखता है। उन्होंने
कहा, हमने गरीबों के लिए 3 करोड़ घरों के निर्माण, 9 लाख करोड़ रुपये की
लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और 15 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी
झंडी दिखाई है।मोदी ने कहा कि भारत ने दूरसंचार और डिजिटल भविष्य,
वैश्विक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, वैश्विक फिनटेक उत्सव से संबंधित
कार्यक्रमों में भी भाग लिया और नागरिक उड्डयन और नवीकरणीय ऊर्जा
के भविष्य पर चर्चा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया।
उन्होंने कहा, ये आयोजन उस विश्वास को प्रदर्शित करते हैं जो दुनिया का भारत में है।