
देश की एकता तोड़ने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही कांग्रेस
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम परिणाम पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि कांग्रेस कभी भी
खुद मेहनत नहीं करती। कांग्रेस को लगता था कि 10 साल हो गए, हरियाणा वाले उन्हें
थाली में परोसकर सत्ता दे देंगे। यही गलतफहमी कांग्रेस को मध्य प्रदेश में भी थी, वहां
भी कांग्रेस के लोग पहले ही जीत का जश्न मनाने लगे थे। लेकिन मध्य प्रदेश की जनता
ने वोटिंग के दिन कांग्रेस को दिन में तारे दिखा दिए। उन्होंने कहा कि यहां हरियाणा में
कांग्रेस के भीतर जो कलह मची है, उसे भी यहां के लोग देख रहे हैं। कांग्रेस से सबसे अधिक
नाराजगी तो दलित, पिछड़े, वंचित समाज की है। दलित समाज ने भी ठान लिया है कि वो
बापू-बेटे की राजनीति को चमकाने का मोहरा नहीं बनेंगे।नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने
देश के लिए जरूरी हर विषय को उलझाए रखा… कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर नहीं
बनने दिया। कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में संविधान पूरी तरह से लागू नहीं होने दिया।
उसने हमारी बहनों को संसद और विधानसभा में आरक्षण से वंचित रखा। उसने हमारी
मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की समस्या में उलझाए रखा। कांग्रेस ने देश की, देशवासियों
की समस्याओं का समाधान नहीं किया बल्कि अपने परिवार को स्थापित करने में पूरी शक्ति
लगा दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस देश से देशभक्ति को ही चूर-चूर करना चाहती है। कांग्रेस
को लगता है कि देश के लोगों में एकता की भावना जितनी प्रबल होगी, कांग्रेस का जीतना
उतना ही असंभव होगा। इसलिए कांग्रेस, देशभक्तों की एकता तोड़ने के लिए नए-नए
प्रयोग कर रही है।