
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि और पशुपालन से संबंधित कई पहलों का शुभारंभ किया।
उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त भी जारी की। इस अवसर
पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय
ग्रामीण विकास तथा कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस
अवसर पर मौजूद रहे। अपने संबोधन के शुरूआत में मोदी ने कहा कि नवरात्रि के इस
पावन अवसर पर मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी करने
का अवसर मिला।महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार यहां के किसानों को दोहरा लाभ
दे रही है। पोहरादेवी के आशीर्वाद से मुझे अभी लाड़की बहन योजना की लाभार्थियों
की मदद करने का अवसर मिला है, यह योजना नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है।
नवरात्रि में किसानों को बड़ा तोहफा
नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सरकार ने इस पूरे समुदाय
को अपराधी घोषित कर दिया था, लेकिन आजादी के बाद बंजारा समुदाय की
देखभाल करना और उन्हें उचित सम्मान देना देश की जिम्मेदारी थी। उस
समय कांग्रेस की नीतियों ने इस समुदाय को मुख्यधारा से अलग रखा। उन्होंने
कहा कि आजादी के बाद जिस परिवार ने कांग्रेस पार्टी को संभाला, उसकी
मानसिकता शुरू से ही विदेशी थी। अंग्रेजी सरकार की तरह यह कांग्रेस परिवार
भी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को अपने बराबर नहीं समझता। उन्हें
लगता है कि भारत पर सिर्फ एक ही परिवार का शासन होना चाहिए, क्योंकि
यह अधिकार उन्हें अंग्रेज देकर गए थे। एम ने कहा कि महाराष्ट्र के किसानों
ने कई दशकों से बहुत बड़ा संकट झेला है। विपक्ष पर वार करते हुए उन्होंने
कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकार ने किसानों को गरीब
और बदहाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।जब तक महाअघाड़ी सरकार
थी, उनके पास सिर्फ़ दो एजेंडे थे। पहला, किसानों से जुड़ी परियोजनाओं
को रोकना और दूसरा, इन परियोजनाओं के पैसे से भ्रष्टाचार करना। हम केंद्र
से परियोजनाओं के लिए पैसा भेजते थे, लेकिन वो उसे खा जाते हैं। हर चुनाव
से पहले झूठे वादे करना कांग्रेस का एजेंडा है। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और
महाअघाड़ी सरकार ने कई योजनाओं को बंद कर दिया था। उन्होंने कहा
कि कांग्रेस पर शहरी-नक्सलियों का शासन चल रहा है। उन्हें लगता है कि अगर
हम सब एक हो जाएंगे तो देश को बांटने का उनका एजेंडा फेल हो जाएगा।
हर कोई देख सकता है कि कांग्रेस उन लोगों के साथ कितनी निकटता से
खड़ी है जो भारत के लिए अच्छे इरादे नहीं रखते हैं।