
नागरिक संस्था ने आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए
एमएबी को पांच गुना बढ़ाकर क्रमशः 25,000 रुपये और 10,000 रुपये कर दिया गया है।
बैंकिंग हितधारकों की पैरोकारी करने वाली
एक नागरिक संस्था ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर
आईसीआईसीआई बैंक के बचत खातों में न्यूनतम
जमा राशि बढ़ाने का विरोध किया है।
पत्र में आईसीआईसीआई बैंक के इस फैसले में हस्तक्षेप करने
नागरिक संस्था ने आईसीआईसीआई का अनुरोध किया है।
संगठन ने कहा कि ऐसा कदम सरकार के समावेशी
बैंकिंग और विकास के दृष्टिकोण के लिए हानिकारक है।
नागरिक संस्था ने आईसीआईसीआई बैंक के बचत खातों में न्यूनतम जमा राशि बढ़ाने का विरोध किया
वित्त सचिव को लिखे एक पत्र में बैंक बचाओ देश बचाओ
मंच ने निजी क्षेत्र के इस बैंक के फैसले को अन्यायपूर्ण
और प्रतिगामी करार दिया। आईसीआईसीआई बैंक
ने एक अगस्त या उसके बाद खोले गए
नए बचत खातों के लिए न्यूनतम शेष राशि की आवश्यकता
को पांच गुना बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है।
आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार
अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए
एमएबी को पांच गुना बढ़ाकर क्रमशः
25,000 रुपये और 10,000 रुपये कर दिया गया है।
नागरिक संस्था के संयुक्त संयोजक विश्वरंजन रे और सौम्य दत्ता ने दावा किया
यह प्रतिगामी निर्णय समावेशी बैंकिंग के सिद्धांत को कमजोर करता है।
नागरिक संस्था ने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने का आह्वान किया
और सरकार से जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करने
और व्यापक वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने की अपील की।
नागरिक संस्था ने आईसीआईसी आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट
पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एमएबी।