
पाकिस्तान में शिया और सुन्नी समुदायों के लोगों के बीच
अधिकारियों ने बताया कि वे देश के अशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में भूमि विवाद को सांप्रदायिक
हिंसा में बदलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस क्षेत्र में दोनों पक्षों के चरमपंथी समूह
काफी सक्रिय हैं।प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर सैफ अली ने कहा कि अधिकारी कबायली
बुजुर्गों की मदद से तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुर्रम में
शांति वार्ता के बाद दोनों पक्ष किसी भी तरह की हिंसा न करने पर सहमत हो गए हैं।सुन्नी
बहुल पाकिस्तान की 24 करोड़ आबादी में लगभग 15 प्रतिशत शिया मुसलमान हैं तथा
दोनों समुदायों के बीच काफी समय से तनाव रहा है। वैसे तो दोनों समुदाय के लोग देश
में काफी हद तक शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं फिर भी कुछ क्षेत्रों में खासकर कुर्रम जिले के
कुछ ऐसे हिस्सों में उनके बीच दशकों से तनाव देखा गया है जहां शिया समुदाय का प्रभुत्व
है। जुलाई में भी भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के कई लोगों की मौत हो गई थी।