
कुछ लोगों को टूटे हुए रिश्ते से उबरने में अधिक समय लगता है, लेकिन क्यों? शायद अतीत में की
हुई गलतियों की वजह से, जो गिल्ट बनकर जेहन में बैठ जाती है। दिल टूटने के बाद हर कोई अपने
अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करता है। लेकिन बहुत से लोगों का दिल अतीत के
गिल्ट में फंसकर रह जाता है। गिल्ट नई शुरुआत को संघर्ष में बदल देता है, जिससे हर प्यार भरा
पल झूठ जैसा लगता है। लोग एक नया रिश्ता बनाना चाहते हैं, लेकिन गिल्ट उनके कान में फुसफुसाता
रहता है, जो उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है। यह हमारे दिलों की गहराई में रहता है, पिछली गलतियों,
अधूरी उम्मीदों और हमारी असुरक्षाओं के बोझ की याद दिलाता रहता है। गिल्ट लोगों को इस हद तक
डरा देता है कि अपने दिल के चारों ओर एक दीवार खड़ी कर देते हैं ताकि फिर से उन्हें किसी से प्यार न
हो और उनका दिल न टूटे। ऐसे में सवाल ये है कि कब तक कोई व्यक्ति गिल्ट में फंसा रहकर अपने हर
खुशी के पल को दुख में बदलता रहे?अतीत की गलतियों का बोझ बहुत भारी होता है, लेकिन इसका
मतलब ये नहीं कि आप इसे हमेशा के लिए ढोते रहेंगे। खुद के अच्छे भविष्य के लिए आपको हिम्मत
जुटानी पड़ेगी और गिल्ट से निकलना पड़ेगा।
पीछे खींचती रहती हैं अतीत के गिल्ट की परछाइयाँ
अतीत के रिश्तों में की हुई गलतियों की वजह से होने वाले गिल्ट की वजह से लोग वर्तमान के अपने
साथी से भावनात्मक रूप से दूरी बनाकर रखते हैं। कई बार लोग अपने गिल्ट को कम करने के लिए
वर्तमान साथी को जरुरत से ज्यादा या जरुरत से कम प्यार देते हैं, जो रिश्ते में असंतुलन पैदा करता है।
अनसुझले गिल्ट की वजह से लोग अक्सर अपने वर्तमान साथी पर जरुरत से ज्यादा गुस्सा निकालते
है या उनके प्रति थोड़ा बुरा व्यवहार रखते हैं। गिल्ट से बचने के लिए लोग लोगों को अपनी जिंदगी में
आने से रोकते हैं। वे हमेशा अपने लिए रक्षात्मक रवैया अपनाते हैं, फिर चाहें इससे सामने वाले व्यक्ति
को अच्छा लगे या बुरा, उनकी भावना का ख्याल नहीं रखते हैं।अपने साथी से गिल्ट के बारे में बात करें।