
1. बाइडेन संग कैमेस्ट्री
पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हुई, जब पूरी दुनिया की नजरें अगले नवंबर में होने
वाले राष्ट्रपति चुनाव पर टिकी हैं। जनवरी तक वहां कमला हैरिस या डॉनल्ड ट्रंप में से कोई राष्ट्रपति
पद पर विराजमान होगा। लेकिन जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने पीएम मोदी को संबोधित
करते हुए कहा कि जब भी हम साथ बैठते हैं, सहयोग के नए-नए क्षेत्र तलाश लेते हैं’ और यह भी
कि ‘दोनों देशों के रिश्ते आज अतीत के किसी भी दौर के मुकाबले ज्यादा मजबूत हैं। पीएम मोदी
ने अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन को चांदी से बने पुरानी रेलगाड़ी का मॉडल गिफ्ट के रूप में दिया। इसके
मेन डिब्बे के दोनों ओर ‘दिल्ली-डेलावेयर’ लिखा गया है। इसे महाराष्ट्र के कारीगरों ने तैयार किया है। यह 92.5% चांदी
से बनी है। अधिकारियों ने बताया कि पीएम ने अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडन को पश्मीना शॉल गिफ्ट की।
पीसमेकिंग डिफेंस डी पर्सनल बॉन्डिंग
क्वाड शिखर सम्मेलन अपने अमेरिकी दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने विलमिंगटन, डेलावेयर में राष्ट्रपति जो
बाइडेन द्वारा आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लिया। शिखर सम्मेलन में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी
अल्बानी और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी भाग लिया। मोदी ने कहा कि क्वाड नेता वैश्विक तनाव के
समय में एकत्र हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। इस बात
पर प्रकाश डालते हुए कि वे “किसी के खिलाफ नहीं हैं” उन्होंने कहा कि वे नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था,
संप्रभुता के सम्मान और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की
मुखर कार्रवाइयों के सूक्ष्म संदर्भ के रूप में देखा गया।पीएम ने क्वॉड समिट से अलग द्विपक्षीय बातचीत भी की।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और जापानी पीएम फुमियो किशिदा के साथ अलग से मुलाकात की।
इन सभी नेताओं के बीच इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के अलावा द्विपक्षीय दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम से बातचीत को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि पीएम अल्बनीज से व्यापक बातचीत
हुई। हम व्यापार, सेक्योरिटी, स्पेस और कल्चर जैसे क्षेत्रों में और सहयोग करना चाहते है।