पूरे दुनिया में क्यों ट्रेंड कर रहा है All Eyes On Rafah

पूरे दुनिया में क्यों ट्रेंड कर रहा है All Eyes On Rafah
पूरे दुनिया में क्यों ट्रेंड कर रहा है All Eyes On Rafah
कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों द्वारा गाजा शहर की गंभीर स्थितियों को उजागर
करने के लिए एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू करने के साथ ही ऑल आईज ऑन गाजा
वाला स्लोगन इंटरनेट पर वायरल हो गया। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि
यह इमेज सबसे पहले इंस्टाग्राम पर शेयर की गई थी और 24 घंटे से भी कम समय में
वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर बीते कुछ दिनों से ऑल आईज ऑन राफा स्लोगन
काफी ज्यादा चर्चा में है। भारत में भी कई सारे सेलिब्रिटी इसके बारे में पोस्ट कर रहे हैं।
आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, करीना कपूर, वरुण धवन, रश्मिका मंदाना, सोनाक्षी
सिन्हा, सामंथा रुथ प्रभु, तृप्ति डिमरी, दीया मिर्जा और ऋचा चड्ढा सहित कई भारतीय
हस्तियों ने अपने-अपने यहां वायरल स्लोगन को साझा करके फिलिस्तीनियों के साथ
अपनी एकजुटता व्यक्त की है। ऐसे में हमने सोचा कि क्यों न आपको बताया जाए कि ये
स्लोगन आखिर है क्या? इसकी उत्तपत्ति कहां से हुई और इसका मतलब क्या होता है।
इसके साथ ही इजरायल ऐसा क्या करने वाला है जिसकी वजह से लोगों की निगाहें उस
पर जा टिकी है ये भी जानेंगे। ये तो आप सभी को पता है कि इजरायल और गाजा के
बीच युद्ध लगातार जारी है। इजरायली सेना अब गाजा के अंदर राफा में घुसकर हमास
को खत्म करना चाहती है। 

वायरल एआई छवि और इसकी उत्पत्ति

कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों द्वारा गाजा शहर की गंभीर स्थितियों को उजागर

करने के लिए एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू करने के  साथ ही ऑल आईज ऑन गाजा

वाला स्लोगन इंटरनेट पर वायरल हो गया। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि

यह इमेज सबसे पहले इंस्टाग्राम पर शेयर की गई थी और 24 घंटे से भी कम समय में

वायरल हो गई। हालाँकि, इमेज की प्रामाणिकता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। कुछ

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरल इमेज एआई-जेनरेटेड हो सकता है। एनबीसी की

रिपोर्ट के अनुसार, कतर में हमाद बिन खलीफा विश्वविद्यालय में मीडिल ईस्ट स्टडीज के

एक एसोसिएट प्रोफेसर ने कहा कि इमेज निश्चित रूप से एआई-जनरेटेड लगती है। संकेत

है कि इमेज एआई-जनरेटेड थी, इसमें फोटोरियलिज्म की कमी, असामान्य शैडो और

अप्राकृतिक रूप से फैला हुआ है। 

ऑल आइज ऑन गाजा का काउंटर

रफ़ा को लेकर वायरल स्लोगन के बीच सोशल मीडिया पर कैंपेन ने गति पकड़ ली है। इस

आंदोलन के आलोचकों का तर्क है कि इजरायल विरोधी कार्यकर्ता पूरी तरह से देश के सैन्य

अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और हमास जैसे फिलिस्तीनी समूहों के कार्यों को

नजरअंदाज कर रहे हैं, जिन पर बड़े पैमाने पर क्रूरता का आरोप है। एक्स पर इजराइल

समर्थक यूजर ने लिखा कि डियर ऑल आईज ऑन राफा ‘प्रभावशाली लोगों पर हैं। इन

सभी लड़कियों और महिलाओं की 7 अक्टूबर को बेरहमी से हत्या कर दी गई। 320 महिलाएँ

मारी गईं। 100 महिलाओं का अपहरण किया गया तो आपके इंस्टाग्राम पोस्ट कहां थे? क्या

आपकी आँखें बंद थीं? एक अन्य यूजर ने पूछा कि “प्रिय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स, क्या आपने

कभी उन हजारों फिलिस्तीनियों के बारे में एक शब्द भी कहा है जिन्होंने इजराइल पर आक्रमण

किया, परिवारों को जिंदा जला दिया, बच्चों को मार डाला, किसी को भी देखते ही गोली मार दी

और बच्चों को उनके पालने में गोली मार दी? वे सभी पाखंडी हैं।  

पूरे दुनिया में क्यों ट्रेंड कर रहा है All Eyes On Rafah

इजरायल और गाजा के बीच युद्ध तो पिछले कुछ महीनों से चल रहा है। लेकिन गाजा में 14

लाख से ज्यादा की आबादी युद्ध के बाद लोग भागकर दूसरे हिस्से में छिप गए। लेकिन युद्ध की

आक्रमकता के साथ ही ये आम नागरिक राफा के इलाके में आकर सिमट गए। अभी बताया

जाता है कि 10 लाख से ज्यादा की संख्या में आम नागरिक राफा के इलाके के आसपास रह रहे

हैं। लेकिन इजजारयल की सेना का कहना है कि राफा के अंदर से भी हमास के ठिकानों को हटाया

जाए। लेकिन अगर हमला होता है तो आम नागरिकों को भी इससे नुकसान पहुंचना तय है। ऐसे

में ऑल आईज ऑन राफा वायरल हो जाता है। 

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