पेशेवर फुटबॉलर नहीं बनना चाहते थे सुनील छेत्री

पेशेवर फुटबॉलर नहीं बनना चाहते थे सुनील छेत्री
पेशेवर फुटबॉलर नहीं बनना चाहते थे सुनील छेत्री
आज के दिन यानी की 03 अगस्त को  भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री अपना 40वां
जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी गिनती भारतीय फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में होती है। वह
देश के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले भी खिलाड़ी हैं। साल 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ
उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि सुनील छेत्री ने अपने करियर में कई
मुश्किलों का सामना किया है। लेकिन उन्होंने मुश्किल से भी मुश्किल परिस्थितियों में हार नहीं मानी
और अपना खेल जारी रखा। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सुनील छेत्री के जीवन से
जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…तेलंगाना में 03 अगस्त 1984 को सुनील छेत्री का जन्म हुआ था।
बता दें कि सुनील छेत्री कभी भी पेशेवर फुटबॉलर नहीं बनना चाहते थे। यह बात खुद छेत्री ने बताया
था। र पर खेलते थे, उसी खेल के कोच ने उनको फुटबॉलर बनने के लिए प्रेरित किया था।

पेशेवर फुटबॉलर नहीं बनना चाहते थे सुनील छेत्री

बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी की है कि छेत्री के माता-पिता भी  फुटबॉलर रह चुके हैं। उनकी

मां ने नेपाल के लिए फुटबॉल खेला है और पिता भारतीय सेना की टीम में फुटबॉल खेलते थे। सुनील छेत्री

ने सोनम भट्टाचार्य से शादी रचाई। बता दें कि सुनील छेत्री के कोच की बेटी सोनम हैं। वह छेत्री को तब से

पसंद करती थीं, जब वह महज 15 साल की थीं। आपको बता दें कि साल 2022 में सुनील छेत्री को छेत्री

पुर्तगाल के क्लब स्पोर्टिंग लिस्बन से जुड़ने का मौका मिला। लेकिन इस दौरान छेत्री के प्रदर्शन को देखते

हुए उनकी टीम के हेड कोच ने कहा था कि वह टॉप टीम में जगह बनाने के लायक नहीं हैं। इसलिए वह टी

म बी में चले जाएं। कोच की इस बात से सुनील छेत्री को काफी धक्का पहुंचा। जिस कारण वह 3 साल का

कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद भी 9 महीने में भारत वापस आ गए। हालांकि आज वह किस मुकाम पर हैं, यह पूरी

दुनिया जानती है।सुनील छेत्री ने भारतीय टीम ने सैफ चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। 

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