प्रज्वल रेवन्ना को देश लौटते ही SIT ने किया अरेस्ट
यौन शोषण और
सेक्स स्कैंडल के आरोपों में घिरे जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के निलंबित
नेता प्रज्वल रेवन्ना भारत लौटे है। देर रात वो भारत लौटे है। जर्मनी से 35 दिन बाद वो बेंगलुरु
एयरपोर्ट पर उतरे। एयरपोर्ट पर लैंड करते ही उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को
गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जांच एसआईटी ही कर रही है। प्रज्वल रेवन्ना मामला
सामने आते ही 27 अप्रैल को देश छोड़कर भागे थे। बता दें कि जब प्रज्वल रेवन्ना (33) के म्यूनिख
से बेंगलुरु लौटते ही उसे जिस टीम ने गिरफ्तार किया है उसमें सभी महिला सदस्य थी। प्रज्वल को
गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन का नेतृत्व महिला पुलिस ने ही किया है। प्रज्वल रेवन्ना को
पूछताछ के लिए एसआईडी (अपराध जांच विभाग) ऑफिस ले जाया गया है। हवाई अड्डे पर प्रज्वल
रेवन्ना के लौटने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया था ताकि उसे सुरक्षित तरीके से
पुलिस थाने ले जाया जा सके। जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और हासन
लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार प्रज्वल (33) पर महिलाओं का
यौन शोषण करने का आरोप है। उनके खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न के तीन मुकदमे दर्ज किए जा
चुके हैं। प्रज्वल ये आरोप लगने के करीब एक महीने बाद बेंगलुरु लौटे हैं जिसके बाद केंद्रीय औद्योगिक
सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और एसआईटी को सौंप दिया। उसके खिलाफ
अदालती वारंट लंबित था।
प्रज्वल रेवन्ना को देश लौटते ही SIT ने किया अरेस्ट
सूत्रों ने बताया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एसआईटी ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस प्रज्वल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अलग निकास
द्वार से अपने साथ लेकर गई। प्रज्वल ने एक वीडियो बयान जारी कर वादा किया था कि वह 31 मई
को एसआईटी के समक्ष पेश होंगे। प्रज्वल लोकसभा चुनाव के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में हुए मतदान
के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चले गए थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से
किए गए एसआईटी के अनुरोध के बाद इंटरपोल ने प्रज्वल के खिलाफ एक ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ जारी
किया था। एसआईटी द्वारा अर्जी दाखिल किए जाने के बाद, निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक विशेष
अदालत ने 18 मई को प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। कांग्रेस के नेतृत्व
वाली कर्नाटक सरकार ने केंद्र से उनका राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने का आग्रह किया है। विदेश
मंत्रालय ने इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ
यौन शोषण के आरोपों के मद्देनजर कर्नाटक सरकार द्वारा की गई मांग के अनुसार उनका राजनयिक
पासपोर्ट क्यों न रद्द कर दिया जाए।