फ्रांस चुनाव को लेकर क्या कहते हैं

फ्रांस चुनाव को लेकर क्या कहते हैं
फ्रांस चुनाव को लेकर क्या कहते हैं
ओपिनियनवे ने बिजनेस दैनिक लेस इकोस के लिए 5 जुलाई को प्रकाशित एक सर्वेक्षण
में कहा कि फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली (आरएन) पार्टी आगामी संसदीय चुनावों
में पूर्ण बहुमत से कम रह जाएगी।फ्रांस में संसदीय चुनाव में बड़ा उलटफेर होता नजर आ रहा है।
पहले चरण के संसदीय चुनाव के बाद मरीन ले पेन के नेतृत्व में देश की धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल
रैली अपनी बढ़त से खुश नजर आ रही है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी इस बार तीसरे स्थान पर
खिसक गई है। दक्षिणपथी पार्टी के फ़्रांस की राजनीति में दिख रहे वर्चस्व ने उसे सत्ता की दहलीज तक
पहुंचा दिया है। खुद मरीन ले पेन नेक कहा कि मैक्रों ग्रुप का लगभग सफाया हो गया है। 
बता दें कि फ्रांस में दो चरणों में हो रहा संसदीय चुनाव सात जुलाई को संपन्न होगा। 

क्या बहुमत से दूर रह जाएगी नेशनल रैली पार्टी

हालांकि अब ओपिनियनवे ने बिजनेस दैनिक लेस इकोस के लिए 5 जुलाई को प्रकाशित एक

सर्वेक्षण में कहा कि फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली (आरएन) पार्टी आगामी संसदीय

चुनावों में पूर्ण बहुमत से कम रह जाएगी। रविवार को हुए मतदान में आरएन ने 205-230

सीटें जीतीं, 145-175 सीटों के साथ वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट और 130-162 सीटों के साथ

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के मध्यमार्गी ब्लॉक से आगे रहे। सत्तारूढ़ बहुमत के लिए

नेशनल असेंबली में 289 सीटों की आवश्यकता है।

फ्रांस चुनाव को लेकर क्या कहते हैं

फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ले पेन ने कहा कि उनका दल

रविवार को होने वाले दूसरे दौर के चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद ही सरकार का

नेतृत्व करेगा। जॉर्डन बार्डेला के नेतृत्व वाली पार्टी ने 30 जून को हुए संसदीय चुनाव के

पहले दौर में सबसे ज्यादा मत हासिल किए थे, लेकिन उसे इतने वोट नहीं मिले थे

कि वह जीत का दावा कर सके। पेन ने सरकारी प्रसारक फ्रांस इंटर के साथ एक

साक्षात्कार में कहा कि अगर हम काम नहीं कर सकते तो हम सरकार में

जाना स्वीकार नहीं कर सकते हैं।

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