
बड़ा बंदरगाह बनाने को मंत्रिमंडल की मंजूरी
इस परियोजना की मुख्य ढांचागत संरचना, टर्मिनल का विकास और अन्य वाणिज्यिक ढांचे को सार्वजनिक
-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से विकसित किया जाएगा। मंत्रिमंडल बैठक में सड़क परिवहन और
राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वधावन बंदरगाह और राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच सड़क संपर्क स्थापित करने के साथ
रेल मंत्रालय द्वारा मौजूदा रेल नेटवर्क और अलग से बन रहे माल ढुलाई ढुलाई गलियारे के लिए रेल संपर्क
स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई। बयान के मुताबिक, इस परियोजना से प्रति वर्ष 29.8 करोड़ टन की
कुल क्षमता विकसित होगी। इसमें लगभग 2.32 करोड़ टीईयू (ट्वेंटी फुट समतुल्य) की कंटेनर हैंडलिंग
क्षमता भी शामिल है।बंदरगाह पर विकसित की जाने वाली क्षमताएं भारत पश्चिम एशिया यूरोप आर्थिक
गलियारा (आईएमईईसी) और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) के जरिये
आयात-निर्यात गतिविधियों में भी मददगार साबित होंगी। बयान के मुताबिक, पीएम गति शक्ति कार्यक्रम
के उद्देश्यों के अनुरूप यह परियोजना आगे की आर्थिक गतिविधि को बढ़ाएगी और इसमें प्रत्यक्ष एवं
अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी होगी। इस अवसर पर बंदरगाह, पोत परिवहन
और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत को
महाराष्ट्र के वधावन में अपना 13वां प्रमुख बंदरगाह मिलने वाला है।’’ उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक
बंदरगाह नए भारत का इंजीनियरिंग चमत्कार बनने जा रहा है, जो आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ
इसके समुद्री क्षेत्र को दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल करने के लिए प्रेरित करेगा।