बिहार के गांव के लोगों के लिए खुशखबरी

बिहार के गांव के लोगों के लिए खुशखबरी
बिहार के गांव के लोगों के लिए खुशखबरी

पटना। Bihar News: भीषण गर्मी को देखते हुए गांव-देहात में दोपहर में अब दो घंटे तक

पेयजल की आपूर्ति होगी। इस तात्कालिक व्यवस्था का निर्णय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण

विभाग (पीएचईडी) ने लिया है। हर घर नल का जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक

दोपहर में एक घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था थी। हर घर नल का जल सरकार के सात निश्चय में

सम्मिलित पेयजल की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सुबह में तीन घंटे, दोपहर में एक

घंटा और शाम में दो घंटे तक पाइप-लाइन से पेयजल की आपूर्ति होती है। गर्मी बढ़ने के साथ

पानी की आवश्यकता भी बढ़ी है। ऐसे में पीएचईडी ने निर्णय लिया है कि दोपहर में अतिरिक्त

एक घंटा पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।

55 हजार से अधिक चापाकल कराए गए चालू

कुछ क्षेत्रों व टोलों की निर्भरता आज भी चापाकल पर है। ऐसे में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत

हो रही और बंद चापाकलों के स्थान पर नए चापाकल गाड़े जा रहे। इसके लिए सभी क्षेत्रीय

पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2595 चापाकल लगाए जाने का

लक्ष्य है। 384 चापाकल लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त आपदा मद में 2010 अदद चापाकल

लगाए जाने हैं। अब तक 55015 बंद चापाकलों को मरम्मत कर चालू कराया गया है। लोक स्वास्थ्य

प्रमंडलों में कुल 497 वाटर टैंकर हैं। आवश्कतानुसार नौ जिलों में 83 टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति

की जा रही है। इसके अतिरिक्त 15 अदद वाटर एटीएम भी जलापूर्ति के लिए उपलब्ध हैं। Bihar News

भीषण गर्मी के मद्देनजर गांव-देहात में दोपहर में अब दो घंटे तक पेयजल की आपूर्ति होगी। हालांकि

यह फिलहाल तात्कालिक व्यवस्था होगी। इसका निर्णय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी)

ने लिया है। हर घर नल जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक दोपहर में एक घंटे जलापूर्ति की

व्यवस्था थी। सरकार के इस फैसले से बिहार के गांव के लोगों को बहुत राहत मिलेगी।

बिहार के गांव के लोगों के लिए खुशखबरी

अभियंता प्रमुख मो. सादुल्लाह जावेद ने बताया कि केंद्रीय शिकायत निवारण कोषांग के टाल फ्री

नंबर (18001231121) पर सुबह छह से रात आठ बजे तक ग्रामीण पेयजल योजनाओं से संबंधित

शिकायत दर्ज करा सकते हैं। क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा उनकी शिकायत का त्वरित निराकरण किया

जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिला में भी नियंत्रण कक्ष कार्यरत हैं। वहां जिला स्तर पर प्राप्त

शिकायतों का निराकरण किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »