बीजेपी ने उठाए सवाल कांग्रेस ने किया पलटवार
एक वीडियो में राहुल गांधी को मंच पर एक छोटी लाल संविधान की किताब ले जाते हुए
दिखाया गया है और दूसरे वीडियो में भारत का संविधान शीर्षक वाली डायरी दिखाई गई है,
और जाहिर तौर पर इसे दूसरों को वितरित भी किया गया है, जिसके अंदर खाली पन्ने हैं।
भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उसे ‘झूठ पर सार्वभौमिक
रूप से स्वीकृत विशेषज्ञ’ करार दिया। इस बीच, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस
ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथ में ‘लाल किताब’ लेकर ‘शहरी नक्सलियों
और अराजकतावादियों’ से समर्थन लेने की कोशिश कर रहे हैं।भारतीय जनता पार्टी ने दावा
किया कि कांग्रेस भारत के संविधान को एक खाली पन्ने पर फिर से लिखना चाहती है।
एक्स को बताते हुए, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने दावा किया कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी
द्वारा वितरित की गई एक लाल संविधान डायरी, जहां दो सप्ताह में चुनाव होने हैं, खाली है
और इसके कवर पर केवल संविधान अंकित है। महाराष्ट्र बीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर
पोस्ट में कहहा कि कांग्रेस भारत के संविधान को कोरी स्लेट के रूप में फिर से लिखना
की योजना बना रहे हैं। यही कारण है कि राहुल गांधी ने हाल ही में आरक्षण खत्म होने
की भविष्यवाणी की थी।
बीजेपी ने उठाए सवाल कांग्रेस ने किया पलटवार
एक वीडियो में राहुल गांधी को मंच पर एक छोटी लाल संविधान की किताब ले जाते हुए दिखाया
गया है और दूसरे वीडियो में भारत का संविधान शीर्षक वाली डायरी दिखाई गई है, और जाहिर
तौर पर इसे दूसरों को वितरित भी किया गया है, जिसके अंदर खाली पन्ने हैं। भाजपा प्रवक्ता
अमित मालवीय ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उसे ‘झूठ पर सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत
विशेषज्ञ’ करार दिया। इस बीच, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने आरोप लगाया
कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथ में ‘लाल किताब’ लेकर ‘शहरी नक्सलियों और
अराजकतावादियों’ से समर्थन लेने की कोशिश कर रहे हैं।गौरतलब है कि लोकसभा
में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी रैलियों के दौरान लाल कवर में संविधान का संक्षिप्त
संस्करण प्रदर्शित करते रहे हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं।
बुधवार को अपनी नागपुर यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में अपने हाथ
में संविधान की एक प्रति ली, जहां उन्होंने एक बार फिर जाति जनगणना की वकालत
करते हुए कहा कि यह अभ्यास देश में होगा। और यह दलितों, ओबीसी और आदिवासियों
के साथ हुए अन्याय को दिखाएगा।