बुलंदशहर का परचून दुकानदार हैरान
बुलंदशहर के एक साधारण परचून दुकानदार को आयकर विभाग ने ₹141 करोड़ का नोटिस
भेजा है, जो उनके पैन कार्ड के दुरुपयोग से उत्पन्न हुआ है। पीड़ित सुधीर कुमार का दावा है कि
उनकी जानकारी के बिना
दिल्ली में छह फर्जी कंपनियाँ खोली गईं, जिनके माध्यम से यह
वित्तीय अनियमितता की गई। इस धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला
दर्ज कर लिया है और अब इसकी गहन जांच की जा रही है।बुलंदशहर के एक छोटे से कन्फेक्शनरी
मालिक को दिल्ली में उनके नाम से पंजीकृत छह फर्मों से जुड़े 141 करोड़ रुपये का आयकर
नोटिस मिलने पर सदमा लगा। खुर्जा स्थित अपने घर से कन्फेक्शनरी चलाने वाले सुधीर कुमार
ने कहा कि ये फर्में उनकी जानकारी के बिना जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बनाई गई थीं
और उनका इनमें से किसी से भी कोई संबंध नहीं है। बुलंदशहर जिले के खुर्जा इलाके के रहने
वाले एक परचून दुकानदार को आयकर विभागने 141 करोड़ रूपये से ज्यादा की कथित बिक्री
करने पर नोटिस जारी किया है। पुलिस ने बताया कि संबंधित दुकानदार की तहरीर पर मामला
पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित व्यापारी सुधीर ने आरोप लगाया है कि उनके पैन
कार्ड का दुरुपयोग करके दिल्ली में छह कंपनियां बनाकर यह हेराफेरी की गई है।
बुलंदशहर का परचून दुकानदार हैरान
खुर्जा के नयागंज मोहल्ले के निवासी सुधीर ने बताया कि वह घर पर ही एक छोटी सी परचून की
दुकान चलाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके स्थायी खाता संख्या (पैन) का दुरुपयोग
करके साल 2022 में दिल्ली के अलग-अलग पतों पर छह कंपनियां खोली गईं, जिस पर उन्हें
उस समय नोटिस भेजा गया था। तब उन्होंने नोटिस का जवाब दे दिया था, लेकिन अब दस
जुलाई को फिर से आयकर विभाग द्वारा उन्हें एक अरब 41 करोड़ 38 लाख 47 हजार 126 रुपये
की कथित बिक्री पर नोटिस भेजा गया है।खुर्जा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पंकज राय ने
बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों
का कहना है कि पैन (स्थायी खाता संख्या) कार्ड धोखाधड़ी तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी
अन्य व्यक्ति के पैन विवरण का अवैध रूप से बैंक खाते खोलने, फर्जी कंपनियाँ बनाने, ऋण
प्राप्त करने या कर चोरी करने के लिए उपयोग करता है। पीड़ितों को अक्सर अप्रत्याशित कर
नोटिस या वसूली कॉल प्राप्त होने के बाद ही धोखाधड़ी का पता चलता है।