बेंगलुरु के विभिन्न निगमों की चुनाव तैयारी चार माह में होगी

अधिसूचना के अनुसार, ‘ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट’ 15 मई को प्रभावी हो गया और नया ग्रेटर
बेंगलुरु क्षेत्र वर्तमान में बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र
तक सीमित होगा।कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि ‘ग्रेटर बेंगलुरु
गवर्नेंस एक्ट’ के प्रभावी होने के साथ ही चार महीने के भीतर बेंगलुरु के प्रबंधन के लिए गठित
किये जाने वाले कई नगर निगमों के चुनाव की तैयारी की जाएगी।बेंगलुरु विकास के प्रभारी
शिवकुमार ने कहा कि आरक्षण सूची और कई नगर निगमों के गठन के संबंध में जल्द ही
प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ‘ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट’ शहर के प्रबंधन के लिए अधिकतम
सात नगर निगमों के गठन की अनुमति देता है। ऐसे संकेत हैं कि सरकार तीन निगमों के
गठन का निर्णय ले सकती है। बेंगलुरु में सितंबर 2020 से कोई निर्वाचित निगम नहीं है।
बेंगलुरु के विभिन्न निगमों की चुनाव तैयारी चार माह में होगी
शिवकुमार ने कहा,‘‘हम जल्द ही आरक्षण सूची और शहर को कई निगमों में विभाजित करने
की प्रक्रिया शुरू करेंगे। हमें चुनाव कराने हैं, इसमें देरी करने का कोई मतलब नहीं है।
हम चार महीने के भीतर आवश्यक व्यवस्था कर लेंगे।अधिसूचना के अनुसार, ‘ग्रेटर बेंगलुरु
गवर्नेंस एक्ट’ 15 मई को प्रभावी हो गया और नया ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र वर्तमान में बृहत बेंगलुरु
महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र तक सीमित होगा। शिवकुमार
जो बेंगलुरु विकास के प्रभारी भी हैं, ने कहा कि आरक्षण सूची और कई नगर निगमों के
निर्माण के संबंध में जल्द ही एक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट
शहर के प्रबंधन के लिए अधिकतम सात नगर निगमों
के निर्माण की अनुमति देता है, और ऐसे संकेत हैं कि सरकार तीन निगम बनाने का
फैसला कर सकती है।सभी को विश्वास में लेकर हम आगे बढ़ेंगे, लेकिन जल्द से
जल्द चुनाव कराने का फैसला किया गया है। हमें यह करना ही है, इसमें देरी करने का कोई मतलब नहीं है