
बॉक्सिंग डे टेस्ट में रोमांचक मुकाबले की संभावना
रोहित मध्यक्रम में असफल रहे और अभी तक तीन पारियों में उनके नाम पर केवल 19 रन दर्ज हैं।
अब अगर उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा जाता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि
भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम का संयोजन कैसा होगा। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की टीम लय में
है, हालांकि वे ब्रिस्बेन के गाबा में तीसरे टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर सके। भारत को एमसीजी
में खेलने में मजा आता है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में। भारत ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 10 टेस्ट
जीते हैं, जिनमें से चार मेलबर्न के प्रतिष्ठित स्थल पर जीते हैं। 1977 में बिशन सिंह बेदी की
कप्तानी में भारत ने 222 रनों से जीत हासिल की थी, जिसके बाद 1981 में सुनील गावस्कर
एंड कंपनी ने 59 रनों से जीत हासिल की थी। वास्तव में, भारत ने मेलबर्न में अपना दबदबा
दिखाते हुए बैक-टू-बैक टेस्ट जीते थे।दोनों कप्तानों का मानना है कि श्रृंखला के अभी तक के
परिणाम से दोनों टीम के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का पता चलता है लेकिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड
(एमसीजी) पर चीजें तेजी से बदल सकती हैं। भारत का ऑस्ट्रेलिया में यह पसंदीदा मैदान रहा
है जहां उसने 2014 से कोई टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। भारत ने यहां अपने पिछले जो टेस्ट मैच
में जीत दर्ज की है। लेकिन इस बार तीन युवा धुरंधरों (यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत औरशुभमन
गिल), आत्मविश्वास से भरे सलामी बल्लेबाज (केएल राहुल) और कुछ उम्रदराज़ दिग्गजों (विराट
कोहली और रोहित) के साथ यह टीम बहुत आश्वस्त नहीं दिख रही है। ऑस्ट्रेलिया की टीम अतीत
की तरह अब मजबूत दावेदार नजर नहीं आती है लेकिन इसके बावजूद अगर भारत को एमसीजी
पर अपना विजय अभियान जारी रखना है तो उसकेबल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।