
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा भाजपा नेता और
एमएलसी सी.टी. रवि के साथ दुर्व्यवहार का दावा करके पार्टी एक महिला मंत्री के खिलाफ कथित रूप
से अपमानजनक का इस्तेमाल करने के मूल मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
बेंगलुरु । कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस
द्वारा भाजपा नेता और एमएलसी सी.टी. रवि के साथ दुर्व्यवहार का दावा करके पार्टी एक महिला
मंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक का इस्तेमाल करने के मूल मुद्दे से जनता का ध्यान
भटकाने का प्रयास कर रही है। ‘अंतरात्मा की आवाज’ को महत्वपूर्ण करार देते हुए उन्होंने राज्य
में भाजपा नेतृत्व पर रवि का समर्थन करने के लिए निशाना साधा, जिन्हें राज्य की मंत्री लक्ष्मी
हेब्बालकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
भाजपा सीटी रवि के साथ दुर्व्यवहार का दावा
शुक्रवार को रवि की रिहाई के उच्च न्यायालय के आदेश से संबंधित एक सवाल के जवाब में शिवकुमार
ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनसे (भाजपा से) पूछिए कि उन्होंने (रवि) जो कहा वह सही था या
नहीं। बाकी चीजों पर बाद में चर्चा करेंगे। यह उनकी पार्टी और नेता की संस्कृति को दर्शाता है…
अदालत में जो हुआ, उसे उन पर (रवि) और पुलिस पर छोड़ दिया गया है। मुख्य मुद्दा उनकी और
उनकी संस्कृति है।’’ उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि रवि ने अतीत में कई लोगों के खिलाफ
अपमानजनक का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि रवि एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं और ‘‘क्या
महिलाओं के बारे में इस तरह से बोलना उनके लिए सही है।’’ रवि ने बृहस्पतिवार को विधान
परिषद में हेब्बालकर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था।
रवि को बृहस्पतिवार शाम को गिरफ्तार किया गया और सुवर्ण विधान सौध के परिसर से पुलिस
वैन में ले जाया गया। हेब्बालकर की शिकायत के आधार पर, भाजपा नेता रवि के खिलाफ भारतीय
न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और धारा 79 (किसी महिला की गरिमा का अपमान
करने के इरादे से शब्द, इशारा या कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया था।