भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती की तदर्ज समिति को किया भंग

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भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती की तदर्ज समिति को किया भंग

भारतीय ओलंपिक संघ यानी आईओए ने बड़ा फैसले लेते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ का

दैनिक कार्य संभाल रही तदर्थ समिति को भंग कर दिया है। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कुछ

दिनों पहले खेल संहिता के नियमों का उल्लंघन करने का हवाला देकर डब्ल्यूएफाआई

की नई कार्यकारी समिति को निलंबित किया था। जिसके बाद आईओए ने डब्ल्यूएफआई

के संचालन के लिए तदर्थ समिति का गठन किया था। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग यानी

UWW के निर्देश पर डब्ल्यूएफआई को इस खेल का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण मिला है।

भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती की तदर्ज समिति को किया भंग

साथ ही आईओए ने ये भी कहा कि तदर्थ समिति ने डब्ल्यूएफआई के सहयोग से अगले

महीने के ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए चयन ट्रायल का सफल आयोजन

कर लिया है। खेल मंत्रालय ने दिसंबर में डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर तदर्थ समिति

का गठन किया था। उनका यह दाव हालांकि उस समय उलटा पड़ गया जब इस खेल की

वैश्विक संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) ने फरवरी में डब्ल्यूएफआई से

निलंबन हटा दिया।

 IOA के फैसले से खुश हैं संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा, ‘‘ जिस दिन मैंने चुनाव जीता, आप जानते हैं कि वह मेरे लिए कांटों का

ताज था। रूकावटों के बावजूद हमने हर चीज की कोशिश की जो कर सकते थे। चाहे वह

राष्ट्रीय चैम्पियनशिप (पुणे में) का आयोजन करना हो, या दिल्ली उच्च न्यायालय के

आदेश के मुताबिक तदर्थ समिति को अधिकारी और रेफरी प्रदान करना हो। मुझे यकीन

है कि यह हमारे लिए संघर्ष का अंत है। इस घटनाक्रम से जुड़े एक करीबी सूत्र ने कहा

कि वह तदर्थ पैनल को भंग करने के आईओए के कदम से ‘आश्चर्यचकित’ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘खेल मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर

दिया था और उसने अभी तक निलंबन रद्द करने के आदेश जारी नहीं किए हैं।

इसके अलावा, मामला अदालत में है, इसलिए यह आश्चर्य की बात है कि

आईओए ने तदर्थ पैनल को क्यों भंग कर दिया।

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