
इस वक्त पूरी दुनिया के दिमाग पर दो देशों के एयर डिफेंस सिस्टम छाए हुए हैं। भारत के स्वदेशी एय
डिफेंस सिस्टम आकाश और रूस के एस 400 ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। रूस निर्मि
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली भारत में ‘सुदर्शन चक्र’ कहा जाता है। दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों
में से एक है। इसी बीच एक बड़ी खबर आई है कि भारत ने रूस से एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम की
कई और मिसाइलें मांगी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस 400 एयर डिफेंस
सिस्टम के सफल इस्तेमाल के बाद भारत ने रूस से कहा है कि हमें और मिसाइलें चाहिए। भारत
को मूल डिलीवरी शेड्यूल के अनुसार 2026 तक रूस से एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम की
शेष रेजिमेंट मिल जाएगी।
भारत की मांग पर रूस देने वाला है ऐसा सुरक्षा कवच
यह पाकिस्तान और चीन के साथ भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर पहली तीन इकाइयों को
सफलतापूर्वक तैनात करने के बाद हुआ है। भारत में रूसी उप राजदूत रोमन बाबुश्किन ने एक साक्षात्कार
के दौरान इस ताजा डेवलपमेंट की पुष्टि की, हाल की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद शेष प्रणालियों की समय
पर डिलीवरी पर जोर दिया। भारत की एस-400 प्रणाली पहले ही अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर चुकी है,
खास तौर पर ऑपरेशन सिंदूर में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान, जहां उन्होंने दुश्मन के ड्रोन और
मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोका। बाबुश्किन ने सिस्टम की परिचालन प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला,
और कहा कि इसने स्थिति के दौरान कुशलता से काम किया, जिससे भारत की रक्षा के लिए इसके
रणनीतिक महत्व को बल मिला।एस-400 सिस्टम के लिए अनुबंध पर शुरुआत में 2018 में
हस्ताक्षर किए गए थे, जिसकी कीमत 5.43 बिलियन डॉलर थी और इसमें पांच रेजिमेंट शामिल हैं
। पहली रेजिमेंट दिसंबर 2021 में आई, जबकि दूसरी और तीसरी रेजिमेंट क्रमशः अप्रैल 2022 और
अक्टूबर 2023 में वितरित की गईं। अंतिम दो इकाइयों की डिलीवरी अगले दो वर्षों में की जानी है,
जिससे भारत का इस उन्नत वायु रक्षा प्रणाली का अधिग्रहण पूरा हो जाएगा।