
भारत के बाद रूस को भी आंखें दिखाने की कोशिश कर भी रहा था बांग्लादेश
बांग्लादेश के एन्टी करप्शन कमीशन ने आरोप लगाया है कि शेख हसीना और उनके बेटे ने खूब रिश्वत खाई है
और ये रिश्वत 5 अरब डॉलर की हो सकती है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं होना चाहिए व शेख हसीना और
उनके बेटे पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस होना चाहिए। लेकिन आपको बता दें कि शेख हसीना और उनके बेटे को फंसाने
के चक्कर में बांग्लादेश ने रूस पर भी करप्शन का आरोप लगा दिया है। ऐसे में रूपपुर पावर प्लांट बना रही रूस
की सरकारी कंपनी रोसोटोममोहम्मद यूनुस सरकार पर भड़क गई है। रोसोटोम ने बयान जारी करते हुए बांग्लादेश
के आरोपों का खंडन किया है। रोसाटॉम ने कहा कि बांग्लादेश भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की टिप्पणियां रूपपुर
पावर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को कलंकित करने का प्रयास है। एक बयान में रोसाटॉम ने दोहराया कि 2.65 बिलियन
अमेरिकी डॉलर की रूपपुर परियोजना पारदर्शी है और वह अदालत में मामले का बचाव करने के लिए तैयार है।
रोसाटॉम अपनी सभी परियोजनाओं में खुलेपन की नीति और भ्रष्टाचार से निपटने, पारदर्शी खरीद प्रणाली
बनाए रखने के सिद्धांत के लिए प्रतिबद्ध है। बाहरी ऑडिट नियमित रूप से परियोजना की व्यावसायिक प्रक्रियाओं
के खुलेपन की पुष्टि करते हैं। रोसाटॉम स्टेट कॉरपोरेशन अदालत में अपने हितों और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए
तैयार है।जहां तक बात भारत की खामोशी की है तो आपको बता दें कि बीते दिन ही बांग्लादेश ने भारत से शेख
हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। लेकिन भारत ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है। वैसे भी भारत जवाब क्यों
दे? मोहम्मद यूनुस चुनी हुई सरकार के नेता नहीं हैं, उन्हें तो तब तक सत्ता में बिठाया गया है जब तक बांग्लादेश
में चुनाव न हो जाये। ऐसे में भारत सरकार मोहम्मद यूनुस को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है।