
भारत ने तीरंदाजी में कभी ओलंपिक पदक नहीं जीता
भारत इस तरह से पेरिस में सभी पांच पदक स्पर्धाओं (पुरुष और महिला टीम, व्यक्तिगत और
मिश्रित श्रेणियों) में प्रतिस्पर्धा करने का पात्र होगा। भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में
क्वालिफिकेशन हासिल करने में नाकाम रहे देशों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर टीम कोटा
पक्का किया। पिछली बार भारत ने लंदन ओलंपिक 2012 में छह सदस्यीय तीरंदाजी टीम भेजी
थी जिसने चार वर्गों में भाग लिया। मिश्रित टीम स्पर्धायें तोक्यो ओलंपिक से ही शुरू हुई है। भारत
ने तीरंदाजी में कभी ओलंपिक पदक नहीं जीता है। पुरुष वर्ग में रैंकिंग के आधार पर भारत और
चीन ने कोटा हासिल किया, जबकि महिला वर्ग में भारत के अलावा इंडोनेशिया कोटा हासिल करने
वाला दूसरा देश रहा। ओलंपिक में 12 देश टीम स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे जबकि मिश्रित
प्रतियोगिताओं में पांच टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। यह पहली बार है जब तीन चरण के ओलंपिक
क्वालीफायर के बाहर रहने वाले शीर्ष दो देशों को टीम कोटा प्रदान किया गया है।
भारत को तीरंदाजी में ओलंपिक कोटा
अनुभवी तीरंदाज तरूणदीप रॉय और दीपिका कुमारी रिकॉर्ड चौथी बार ओलंपिक में चुनौती पेश
करेंगे। सेना के 40 साल के दिग्गज तरूणदीप ने 2004 में एथेंस ओलंपिक में पहली बार देश का
प्रतिनिधित्व किया था। जबकि दीपिका का यह लगातार चौथा ओलंपिक होगा। उन्होंने 2012 में
लंदन में पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। धीरज बोम्मदेवरा, अंकिता भकत और
भजन कौर ओलंपिक में पदार्पण करेंगे, जबकि प्रवीण जाधव का तोक्यो के बाद यह लगातार दूसरा
ओलंपिक खेल होगा। भारतीय टीम: पुरुष: तरुणदीप राय, धीरज बोम्मदेवरा और प्रवीण जाधव।
महिला: दीपिका कुमारी, भजन कौरऔर अंकिता भकत। कोच : बाएक वूंगकी, पूर्णिमा महतो और
सोनम शेरिंग भूटिया।