मणिपुर के चंदेल में असम राइफल्स के साथ गोलीबारी

मणिपुर के चंदेल में असम राइफल्स के साथ गोलीबारी
मणिपुर के चंदेल में असम राइफल्स के साथ गोलीबारी

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ अब भी जारी है।

सेना की पूर्वी कमान ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा

भारत-म्यांमा सीमा के पास चंदेल जिले की खेंगजॉय तहसील में न्यू समताल गांव

के समीप कुछ हथियारबंद लोगों की गतिविधि के संबंध में खुफिया जानकारी मिली।

मणिपुर के चंदेल जिले में बुधवार को असम राइफल्स के साथ भीषण मुठभेड़ में कम

से कम 10 उग्रवादी मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन अभी भी जारी है और

घटनास्थल से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।

।अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया

कि मुठभेड़ अब भी जारी है। सेना की पूर्वी कमान ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’

पर पोस्ट में कहा  भारत-म्यांमा सीमा के पास चंदेल जिले की खेंगजॉय तहसील में न्यू

समताल गांव के समीप कुछ हथियारबंद लोगों की गतिविधि के संबंध में खुफिया

जानकारी मिली जिसके आधार पर स्पीयर कोर के तहत असम राइफल्स ने 14 मई

को अभियान शुरू किया। पोस्ट में कहा गया है अभियान के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों

ने सैनिकों पर गोली चलाई, जिसके बाद जवानों ने भी जवाब में गोलियां चलाईं।

मणिपुर के चंदेल में असम राइफल्स के साथ गोलीबारी

दौरान मुठभेड़ में 10 उग्रवादी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार तथा गोला-बारूद

बरामद किया गया। कोहिमा स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बृहस्पतिवार सुबह

बताया अभियान अब भी जारी है और इसके खत्म होने के बाद ही विस्तृत जानकारी

दी जा सकेगी।हालांकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान अभी तक उजागर नहीं की

गई है, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह ऑपरेशन क्षेत्र में विद्रोही गतिविधियों के

लिए एक बड़ा झटका है। यह मुठभेड़ मणिपुर में राज्य में सक्रिय विभिन्न आतंकवादी

समूहों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे उग्रवाद विरोधी अभियानों के बीच हुई है।

हथियार डीलरों को भी हिरासत में लिया गया।ये गिरफ्तारियां चार जिलों – इंफाल

पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और तेंगनौपाल में 24 घंटे की अवधि में समन्वित छापेमारी

में की गईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकवादी चार प्रतिबंधित

समूहों के सदस्य हैं: कांगलेई यावोल कन्ना लूप (केवाईकेएल), पीपुल्स लिबरेशन

आर्मी (पीएलए), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (पीआरईपीएके)

और कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी)। कथित तौर पर आतंकवादी विभिन्न

आपराधिक कृत्यों में शामिल थे, जिसमें ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों

और आम जनता से अपहरण और जबरन वसूली शामिल है। एक वरिष्ठ पुलिस

अधिकारी ने कहा, “वे हिंसक अपराधों से भी जुड़े थे और सार्वजनिक शांति को ख़तरा पैदा कर रहे थे।”

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