
महाकुंभ 2025 में पहली बार होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल
महाकुंभ का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता
में ही नहीं है, कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक
साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई
इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है,
कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं
मिलेगा।’पीएम ने आगे कहा, ‘पहली बार कुंभ आयोजन में Al chatbot का प्रयोग होगा।
AI chatbot के माध्यम से 11 भारतीय भाषाओं में कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी
हासिल की जा सकेगी। इस chatbot से कोई भी टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी
तरह की मदद मांग सकता है।’‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने कहा, ‘2025 में 26 जनवरी
को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। हम सभी के लिए बहुत गौरव की
बात है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है, वो समय की हर कसौटी
पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है, हमारा मार्गदर्शक है।’पीएम ने
आगे कहा, ‘देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com
नाम से एक खास website भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर
अपना वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में संविधान पढ़ सकते हैं,
संविधान के बारे में प्रश्न भी पूछ सकते हैं। ‘मन की बात’ के श्रोताओं से, स्कूल में पढ़ने
वाले बच्चों से, कॉलेज में जाने वाले युवाओं से मेरा आग्रह है, इस वेबसाइट पर जरूर
जाकर देखें, इसका हिस्सा बनें।