
मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए गुण का इस्तेमाल कर सकते हैं। गुण में फॉस्फोरस, मैग्नीशियम,
लौह, जिंक, कैल्शियम, पोटैशियम, तांबा, फॉलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं। गुड़ के तत्व का फायदा
मिट्टी को भी मिलता है।बहुत सारे को लोगों को गार्डनिंग का शौक होता है। ऐसे लोगों का सबसे ज्यादा
फोकस पौधे पर होता है। लेकिन जब पत्तियां पीली दिखने लगें, या फूल न आएं, तो लोग परेशान हो
जाते हैं। लेकिन कई बार लोग इसकी असली वजह नहीं समझ पाते हैं। क्योंकि मिट्टी को सभी पोषक
तत्व नहीं मिलने के कारण पौधा सही तरीके से ग्रोथ नहीं कर पाता है। इसलिए पौधों की देखभाल के
लिए मिट्टी को पोषण देने की आवश्यकता होती है।ऐसे में आप मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए
गुण का इस्तेमाल कर सकते हैं। गुण में फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, लौह, जिंक, कैल्शियम, पोटैशियम,
तांबा, फॉलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं। गुड़ के तत्व का फायदा मिट्टी को भी मिलता है। हालांकि
कुछ लोगों का सोचना है कि गुड़ को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी में चीटियां हो सकती हैं। लेकिन बता
दें कि अगर आप सही तरीके से मिट्टी में गुड़ मिलाते हैं, तो यह मिट्टी के लिए अमृत की तरह
काम करता है।
मिट्टी में इस तरह मिलाएंगे गुड़ तो नहीं लगेंगी चीटियां
अगर आप भी पौधों के लिए गुड़ का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं, तो आपको इसकी क्वांटिटी बहुत
कम रखनी है। 15 से 20 ग्राम गुड़ को एक लीटर पानी में डिजॉल्व करना है। फिर इस लिक्विड को
महीने में करीब 100ml आप हर एक पौधे में डाल सकते हैं। बता दें कि यह नेचुरल सॉइल
कंडीशनर के रूप में काम करता है।
गुड़ डालने से मिट्टी का टेक्सचर काफी अच्छा हो जाता है।
गुड़ में मौजूद माइक्रो मिट्टी की फर्टिलिटी को बढ़ाने का काम करता है।
गोबर की खाद और कंपोज में भी गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
गुड़ के अंगर पौटेशियम और आयरन होने से पौधे को भी इसका फायदा मिलता है।