राजीव गांधी सरकार के विपरीत अब 90 प्रतिशत राशि गरीबों तक पहुंचती है

राजीव गांधी सरकार के विपरीत अब 90 प्रतिशत राशि गरीबों तक पहुंचती है
राजीव गांधी सरकार के विपरीत अब 90 प्रतिशत राशि गरीबों तक पहुंचती है

 नई दिल्ली। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कहा है कि वर्तमान सरकार

में सरकारी वितरण प्रणाली में काफी सुधार हुआ है और स्थिति पहले जैसी नहीं

है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की सरकार के समय वितरण प्रणाली में काफी

अंतर था। राजीव गांधी ने खुद इस बात को माना था।सुरजीत भल्ला प्रधानमंत्री की

आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यकारी

निदेशक रह चुके हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि वर्तमान सरकार ने

प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करके लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं

का लाभ पहुंचाने में चमत्कार कर दिखाया है। पिछले कुछ वर्षों में वितरण प्रणाली

में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। सरकारीवितरण प्रणाली में काफी सुधार हुआ है।

अब गरीबों को मिल रहा लाभ

उन्होंने 1985 में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि गरीबों के लिए जो एक रुपया

भेजा जाता है, उसमें सिर्फ 15 पैसे उन तक पहुंचते हैं। बाकी पैसा बिचौलिये उड़ा ले

जाते हैं। इस स्थिति में अब बदलाव आया है। अब सरकार द्वारा भेजी गई 90 प्रतिशत

से अधिक राशि गरीबों तक पहुंच रही है। सुरजीत भल्ला प्रधानमंत्री की आर्थिक

सलाहकार परिषद के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यकारी निदेशक रह

चुके हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रौद्योगिकी का अधिकतम

उपयोग करके लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में चमत्कार कर

दिखाया है। पिछले कुछ वर्षों में वितरण प्रणाली में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। आज

लाभार्थियों को आवंटित धनराशि का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मिल रहा है।

भल्ला ने कहा, सरकार आज गरीब और वंचित नागरिकों के लिए जो भी फंड निर्धारित

कर रही है, वह सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम की शुरुआत

2013 में की गई थी और उस समय लगभग 20-25 प्रतिशत आबादी को इसका लाभ

मिल रहा था। इसकी वास्तविक उपयोगिता अब जाकर हासिल हो पाई है। इस समय

हाशिये पर पड़ी 90 प्रतिशत से अधिक आबादी इसका लाभ उठा रही है।

राजीव गांधी सरकार के विपरीत अब 90 प्रतिशत राशि गरीबों तक पहुंचती है

भल्ला ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी बात की। उन्होंने

कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व पिछले कई उदाहरणों के कारण संदिग्ध बना हुआ है,

जब वह प्रभावी निर्णय लेने में विफल रहे हैं। भल्ला ने कहा, नेतृत्व बहुत बड़ी चीज है।

राहुल गांधी के बारे में कोई सुबूत नहीं है कि वह प्रभावी नेता होंगे या नहीं। 2013 में उन्होंने

अपनी ही सरकार का अध्यादेश सबके सामने फाड़ दिया था। नेता ऐसा नहीं करते।प्रसिद्ध

अर्थशास्त्री ने कहा, 2014 से पहले के विपरीत चुनाव अब योग्यता के आधार पर होते हैं।

इस समय विपक्ष का चेहरा कौन है? मैं किसी को नहीं देखता। विपक्ष में 50 चेहरे हैं।

भाजपा का एकमात्र चेहरा पीएम मोदी हैं। यह भी एक कारण है कि भाजपा अच्छा

प्रदर्शन करेगी। सुरजीत भल्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी ‘दयनीय’ स्थिति के

लिए खुद जिम्मेदार है। एक खास वर्ग को खुश करने की बार-बार की कोशिशों से

उसे कोई फायदा नहीं हुआ। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम तुष्टीकरण की

राजनीति ने कांग्रेस को क्षति पहुंचाई है, तो उन्होंने इससे सहमति जताई।

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