
राज्य में 70 प्रतिशत हो चुकी है जाति जनगणना
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि कहा कि जाति जनगणना उन सभी महत्वपूर्ण कदमों में से
पहला कदम है जो अगले कुछ दशकों में संपूर्ण विकास के लिए योजना बनाने में मदद
करेगा। यही कारण है कि मैं बार-बार देश में एक व्यापक जातिगत जनगणना करवाने
की मांग कर रहा हूं। तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने रास्ता दिखाया है, राष्ट्रीय स्तर पर
भी हम एक व्यापक जातिगत जनगणना करवा कर रहेंगे। गांधी ने 5 नवंबर को कहा
था कि वह तेलंगाना में जाति जनगणना सुनिश्चित करने और राज्य को देश में जाति
जनगणना के लिए एक मॉडल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। सर्वेक्षण 6 नवंबर
से शुरू हुआ था। उन्होंने कहा था कि जाति जनगणना भेदभाव की सीमा और प्रकृति का
आकलन करने के लिए शुरू की जाने वाली पहली प्रक्रिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर
निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें आश्चर्य है कि पीएम ने सार्वजनिक रूप से
यह क्यों नहीं कहा कि वह भारत में भेदभाव के विचार को चुनौती देना चाहते हैं। उन्होंने
पूछा, “प्रधानमंत्री यह पूछने से क्यों डरते हैं कि कॉरपोरेट, न्यायपालिका, मीडिया में
कितने दलित, ओबीसी, आदिवासी हैं।” कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में
आने पर महाराष्ट्र और झारखंड में जाति सर्वेक्षण कराने का भी वादा किया है।