
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने पिछले साल नवंबर में
एक व्यक्ति को मादक पदार्थ से जुड़े मामले में नहीं फंसाने के
लिए उससे रिश्वत लेने के आरोप में दिल्ली पुलिस के दो
अधिकारियों और एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा
चलाने का आदेश दिया है।विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक
ने दिल्ली पुलिस के उपनिरीक्षक संजीव कुमार, सहायक
उपनिरीक्षक किरोड़ीमल और हेड कांस्टेबल संजय कुमार
के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति
मलिक ने नौ जून के अपने आदेश में कहा, “प्रथम दृष्टया
रिकॉर्ड में पर्याप्त सामग्री और साक्ष्य मौजूद हैं, जो दर्शाते
हैं कि शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करने के लिए आरोपियों
ने आपराधिक साजिश रची थी और रिश्वत की रकम संजय कुमार
ने स्वीकार की थी।”आरोप है कि आरोपीपुलिस अधिकारियों ने
शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगरउसने रिश्वत की
रकम नहीं दी तो वे उसे फंसा देंगे।
रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी पुलिस अधिकारियों ने पिछले
साल राष्ट्रीय राजधानी के दरियागंज इलाके में दर्ज एक अलग
मामले में शिकायतकर्ता के दो दोस्तों को गिरफ्तार नहीं करने
के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।आरोप है कि आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर
उसने रिश्वत की रकम नहीं दी तो वे उसे फंसा देंगे। न्यायमूर्ति
मलिक ने संजीव और किरोड़ीमल की उस याचिका को खारि
मंजूरी को अवैध बताते हुए मामले में उन्हें बरी करने का
अनुरोध किया था।सहायकउपनिरीक्षक किरोड़ीमल और
हेड कांस्टेबल संजय कुमारके खिलाफ आरोप तय करने
का निर्देश दिया है।एक अदालत ने पिछले साल नवंबर में
एक व्यक्ति को मादक पदार्थ से जुड़े मामले में नहीं फंसाने
केलिए उससे रिश्वत लेने के आरोप में दिल्ली पुलिस के
दोअधिकारियों।