वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया

वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया
वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया
शाहिद सईद ने बताया कि यह कामयाबी मंच की मेहनत, संघर्ष और जागरूकता अभियानों
का परिणाम है, जिसमें देशभर में 1000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित कर जनता को
विधेयक की प्रासंगिकता समझाई गई। इसके अलावा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के विभिन्न
संगठनों के 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने जेपीसी के समक्ष पेश हो कर अपनी दलीलों
को प्राथमिकता से रखा।मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के संयोजक शाहिद सईद ने
मंगलवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को मंजूरी मिलने का स्वागत किया और
इसे वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने
कहा कि यह विधेयक वंचितों और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाते हुए बुनियादी सामाजिक
जरूरतों को पूरा करने के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में काम करेगा। शाहिद सईद ने
बताया कि यह कामयाबी मंच की मेहनत, संघर्ष और जागरूकता अभियानों का परिणाम
है, जिसमें देशभर में 1000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित कर जनता को विधेयक की
प्रासंगिकता समझाई गई। इसके अलावा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के विभिन्न संगठनों के
250 से अधिक प्रतिनिधियों ने जेपीसी के समक्ष पेश हो कर अपनी दलीलों को
प्राथमिकता से रखा। 

वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया

साथ ही मंच के देश भर में फैले कार्यकर्ताओं ने लाखों की तादाद में जेपीसी को पत्र और

मेल के द्वारा समर्थन और सुझाव रखे। इन सभी को जेपीसी ने पूरी गंभीरता के साथ

लिया। इस दौरान जेपीसी में विपक्षी नेताओं की तीव्र आलोचना भी मंच के सदस्यों को

सुननी पड़ी लेकिन मंच के नुमाइंदों ने सहजता, सरलता, साक्ष्यों, तर्क और पूरी शिद्दत

के साथ अपने सुझाव रखे। महिला विंग की प्रमुख और एमआरएम की राष्ट्रीय संयोजक

शालिनी अली ने विधेयक की सराहना करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन

में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि

विधेयक की मंजूरी से समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। 

जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल के नेतृत्व में विधेयक में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार

उन्मूलन, और अतिक्रमण रोकने के लिए 14 संशोधनों को मंजूरी मिली। राष्ट्रीय संयोजक

शाहिद अख्तर ने इसे “सड़क से संसद तक की यात्रा” बताया और कहा, “यह विधेयक

समाज को एकजुट करने का माध्यम बनेगा।” मंच ने “वक्फ बिल 2024: रिस्पेक्ट टू

इस्लाम एंड गिफ्ट फॉर मुस्लिम” नामक पुस्तक का विमोचन कर विधेयक के महत्व

को रेखांकित किया। इस किताब का विमोचन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू,

जेपीसी चेयरमैन जगदंबिका पाल, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान,

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा, संघ के संपर्क प्रमुख राम

लाल, ऑल इंडिया इमाम संगठनों के चीफ इमाम उमेर इलियासी समेत कई गण्यमान्य

व्यक्तियों ने किया था। किरण रिजिजू और जगदंबिका पाल ने इस पुस्तक को वक्फ

पर इनसाइक्लोपीडिया और समय की जरूरत बताया था।

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