वेनेज़ुएला त्रासदी के एक दिन बाद फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप

वेनेज़ुएला त्रासदी के एक दिन बाद फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप
वेनेज़ुएला त्रासदी के एक दिन बाद फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, वेनेजुएला में आए ज़बरदस्त

भूकंप में सैकड़ों लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद, शुक्रवार को दक्षिणी

फिलीपींस के पास 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर

जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि भूकंप फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप

मिंडानाओ में 29 किलोमीटर (18.02 मील) की गहराई पर आया। तेज

झटकों के अलावा, पूरे क्षेत्र में भूस्खलन और मिट्टी धंसने जैसी घटनाओं

की भी आशंका है। ये भूकंप एक पर्वतीय क्षेत्र में आए, जहां पहाड़ी ढलानों

से अक्सर मिट्टी या चट्टानें खिसकती रहती हैं। वहीं, कराकास के नीचे मौजूद

तलछट की प्रकृति भूकंपीय तरंगों को और अधिक तीव्र कर देती है, जिससे

भूकंप से होने वाला नुकसान बढ़ जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण

(यूएसजीएस) के अनुसार, वेनेजुएला में एक के बाद एक भूकंप आए थे।

पहला झटका 7.2 तीव्रता का था जबकि 39 सेकंड बाद आये दूसरे भूकंप

की तीव्रता 7.5 रही। क्या होता है भूकंप ‘डबलेट’?

वेनेज़ुएला त्रासदी के एक दिन बाद फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप

डबलेट’ भूकंप का एक ऐसा प्रकार है, जब कम समय के अंतराल पर भूकंप

की अलग-अलग तीव्रता वाले झटके महसूस किये जाते हैं और पहले प्रभावित

स्थान के निकट दूरी पर दूसरा भूकंप ‍आता है। सामान्य भूकंप में एक बड़े

भूकंप के बाद हल्के-हल्के झटके महसूस किये जाते हैं जबकि ‘डबलेट’ में

लगभग समान तीव्रता वाले दो भूकंप एक के बाद एक आते हैं और ये आपस में

कहीं न कहीं जुड़े होते हैं लेकिन भूकंप विज्ञान की दृष्टि से अलग-अलग माने

जाते हैं। इसका अर्थ है कि दोनों भूकंपों से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों के बीच समय

का अंतर होता है या वे अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होती हैं। वेनेजुएला में

हालांकि आए इन भूकंपों के केंद्र एक-दूसरे से केवल कुछ किलोमीटर की

दूरी पर थे लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी से संकेत

मिलता है कि संभवतः उनकी उत्पत्ति अलग-अलग भ्रंशों से हुई थी और

उनकी प्रक्रिया भी अलग-अलग प्रकार की थी।यह इस क्षेत्र में सक्रिय भ्रंशों के

पहले से तैयार मानचित्रों के अनुरूप है। इन मानचित्रों में चट्टानें पूर्व-पश्चिम

दिशा में एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं और इनके साथ विभिन्न दिशाओं

में फैले छोटे-छोटे भ्रंशों के समूह जुड़े होते हैं। आशंका है कि पहले भूकंप ने ही

दूसरे भूकंप को उत्पन्न किया हो। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पहले भूकंप

के दौरान पृथ्वी की ऊपरी सतह में हुए विस्थापन ने दूसरे भूकंप के स्रोत भ्रंश पर

दबाव बढ़ा दिया हो। भ्रंश का अर्थ पृथ्वी की पपड़ी या चट्टानों में पड़ने वाली वह

दरार या विभंग है, जहां दबाव या खिंचाव के कारण चट्टानी खंड अपनी जगह से

टूटकर ऊपर-नीचे या आगे-पीछे खिसक जाते हैं।

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