नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत
ने बंगाल सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
दी गई थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण-जमीन हथियाने और
राशन घोटाले से जुड़े सभी मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।दरअसल, हाई कोर्ट ने अपने
फैसले में संदेशखाली मामले में महिलाओं के यौन शोषण-जमीन हथियाने और राशन घोटाले से जुड़े
सभी मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश
को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज कर दी है।
फरवरी में हुई थी शाहजहां की गिरफ्तारी
राशन घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम जब शाहजहां शेख को गिरफ्तार करने
पहुंची थी, तो वहां हजारों की भीड़ ने ईडी टीम पर हमला कर दिया था. घटना के करीब 55 दिन बाद
शाहजहां को गिरफ्तार किया गया. शाहजहां शेख पर हत्या, महिलाओं से यौन उत्पीड़न, जमीन
हड़पने, ईडी टीम पर हमले कराने जैसे कई गंभीर आरोप हैं.
इस घटना के बाद भी संदेशखाली में CBI रेड करती रही. अप्रैल के महीने में सीबीआई ने संदेशखाली
में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी. संदेशखाली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख के
करीबी माने जाने वाले अबु तालेब के दो ठिकानों पर सीबीआई ने रेड की. इस दौरान सीबीआई ने
भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया. सीबीआई ने शाहजहां शेख के भाई शेख आलमगीर
से भी पूछताछ की थी.
संदेशखाली केस में ममता सरकार की होगी CBI जांच
सुनवाई के दौरान जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ ने सवाल उठाया और
पूछा कि राज्य सरकार को इस मामले में इतनी दिलचस्पी क्यों है? आखिरकार राज्य सरकार किसी
को बचाना क्यों चहती है?वहीं, सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका में राज्य सरकार ने कहा कि हाई कोर्ट
के आदेश ने पुलिस बल सहित पूरे राज्य तंत्र का मनोबल गिराया है।
