
सबसे ज्यादा मक्के रोटी सर्दी के मौसम में खाई जाती है। बहुत से लोग सर्दियों में सरसों के
साग के साथ मक्की की रोटी खाना पसंद करते हैं। मक्की की रोटी शरीर को गर्म रखने के
साथ-साथ पाचन में भी मदद करती है। नरम और फूलाी मक्की की रोटियां बनाना कुछ
लोगों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि कई बार ये रोटी सख्त हो जाती हैं और
खाने में मुश्किल होती हैं। यदि आपको मक्की की रोटी बनाते समय इसी तरह की समस्या
का सामना करना पड़ता है, तो इन टिप्स की मदद से मक्के की रोटी जरुर बनाएं।मक्के
का आटा गूथने के समय काफी चिपचिपा हो जाता है। इसलिए साथ में गेंहू का आटा जरुर
मिलाएं। इसके समाधान के लिए हर दो कप मक्के के आटे में आधा कप गेहूं का आटा
मिलाएं। ध्यान रहे कि बहुत अधिक गेहूं का आटा न मिलाएं, क्योंकि यह मक्के के आटे
के स्वाद पर हावी हो सकता है। रोटियों को चमकीला रंग देने के लिए आप इसमें चुटकी
भर हल्दी मिला सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि आटे को हमेशा ठंडे पानी की बजाय
गर्म पानी से गूथें। इससे आटे को बेहतर तरीके से बांधने में मदद मिलती है और यह
नरम रहता है। आटा गूंथने के बाद रोटी बनाने से पहले आटे को कुछ देर के लिए रख दीजिए।
सर्दियों में बनेंगी नरम और फूली मक्के की रोटी
जब आप आटा गूंथते है तो उस समय एक बड़ा चम्मच तेल या घी डालें। यह आटे को नरम
बनाने में मदद करता है और बेलते समय टूटने से बचाता है। रोटियां बेलते समय आप
चिपकने या टूटने से बचाने के लिए थोड़ा सा गेहूं का आटा चकला पर छिड़कें। इसे बहुत
पतला या बहुत मोटा बनाने से बचें, साथ ही आप मध्यम मोटाई के आकार में बना सकते
हैं।जब आप रोटी को तवे पर रख रहे है तो आप पहले तवे को अच्छी तरह गर्म कर लीजिए।
जब एक तरफ से पक जाए तो इसे पलट दीजिए। यदि आप तेल या घी का उपयोग करना
पसंद करते हैं, तो इसे दोनों तरफ अच्छी तरह से लगाएं और सुनहरा होने तक पकाएं।
अगर आप बिना तेल के खाना बनाना चाहते हैं तो रोटी को नरम और फूली-फूली बनाने
के लिए सीधे आंच पर सेक सकते हैं।जब आपकी मक्के की रोटी बन जाएं, तो मक्खन के
साथ ही सरसों के साग के साथ खाएं। खाकर आपको मजा आ जाएगा।