
साक्षी मलिका की जीवनी विटनेस जोनाथन सेल्वाराज ने लिखी है। इस
किताब में साक्षी ने अपने जीवन से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं। साथ
ही उन्होंने साल 2012 में बृजभूषण सिंह ने उनके साथ यौन शोषण
करने की कोशिश की थी। इस घटना से बाहर आने में उन्हें चार
साल लग गए। साक्षी ने अपनी किताब में लिखा है कि,साल 2012
में कजाकिस्तान के अलमाती में एशियन जूनियर चैंपियनशिप हुई थी।
इसी चैंपियनशिप के दौरान बृजभूषण ने उन्हें अपने कमरे में बुलाया
था। साक्षी ने किताब में लिखा कि, सिंह ने मेरे माता-पिता से बात
कराई। जब मैं अपने माता-पिता से अपने मैच और मेडल के बारे
में बात कर रही थी तो सोच रही थी कि शायद कुछ गलत नहीं होगा
पर जैसे ही कॉल कट हुई उसने मेरा यौन शोषण करने की कोशिश
की। मैं उसके बिस्तर पर बैठी थी और मैं उसे धक्का दिया और रोने
लगी। इसके बाद वह पीछे हो गया क्योंकि उसे समझ आ गया
था कि मैं वह नहीं करने वाली हूं जो वह चाहता है। वह कहने
लगा कि उसने पापा जैसे मुझे बाहों में लिया लेकिन मैं जानती
वह ऐसा नहीं था। मैं वहां से भागकर अपने कमरे में आई और
रोने लगी। साक्षी ने बताया कि उन्होंने डर के कारण ये बात
किसी को नहीं बताई।