स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रही कर्नाटक सरकार

स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रही कर्नाटक सरकार
स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रही कर्नाटक सरकार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार की स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू
करने की योजना है। बेंगलुरु में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम में भाग लेने के बाद
शिवकुमार ने कहा, “यह एक महान दिन है। कर्नाटक सरकार की स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू करने की भी योजना
है। संदेश यह है कि स्वास्थ्य ही धन है।” इसके साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा कि जैसा कि कहावत है, ‘स्वस्थ
शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है’, योग शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने की उत्तम परिणति है।
आइए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग को अपनी दिनचर्या में अपनाकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण
की दिशा में मिलकर काम करें। इस बीच, पूरे कर्नाटक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य
कार्यक्रम विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर हुआ जहां राज्यपाल थावरचंद गहलोत के साथ डीके शिवकुमार,
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव, विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरत्ती और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने इस
कार्यक्रम में भाग लिया।

स्कूलों में योग कक्षाएं शुरू करने की योजना बना रही कर्नाटक सरकार

बल्लारी में, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन संतोष लाड

फाउंडेशन और श्वासा योग संस्था द्वारा किया गया था। श्रम मंत्री संतोष लाड, सरकारी अधिकारी, छात्र और मशहूर

हस्तियां बल्लारी के जेएसडब्ल्यू टाउनशिप में योग दिवस पर सिद्धारमैया के साथ शामिल हुए। भाजपा ने भी शहर

के मल्लेश्वरम में अपने राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें भाजपा

के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र, विधायक डॉ. सीएन अश्वथ नारायण और कई अन्य लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया और योगासन किये। इस अवसर
 
पर बोलते हुए, गहलोत ने मानसिक शांति और भावनात्मक संतुष्टि पर योग के गहरे प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने
 
कहा कि योग एक समग्र अभ्यास है जो शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करता है। योग के माध्यम से व्यक्ति
 
शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुष्टि प्राप्त करता है। यह भारतीय परंपरा और संस्कृति का
 
एक अनमोल उपहार है।

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