तमिलनाडु में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 मार्च को एक रोड शो किया था। इस दौरान स्कूली बच्चों की
मौजूदगी के संबंध में कोयंबटूर सिटी पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी
मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ
पुलिस की किसी भी तरह की जबरन कार्रवाई को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी।तमिलनाडु में प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी ने 18 मार्च को एक रोड शो किया था। इस दौरान स्कूली बच्चों की मौजूदगी के संबंध
में कोयंबटूर सिटी पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस एफआईआर के
खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। प्रधानाध्यापिका ने एक
याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने की मांग की है।
कोर्ट ने क्या कुछ कहा?
न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने गुरुवार को अपने अंतरिम आदेश में कहा कि 28 मार्च, 2024 को इस
न्यायालय द्वारा पारित बलपूर्वक कार्रवाई न करने का सुरक्षात्मक आदेश अगले आदेश तक जारी
रहेगा। इस दौरान स्कूली बच्चों की मौजूदगी के संबंध में कोयंबटूर सिटी पुलिस ने स्कूल प्रबंधन
के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस एफआईआर के खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने हाई कोर्ट का
दरवाजा खटखटाया। प्रधानाध्यापिका ने एक याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने
की मांग की है।
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR रद्द होगी या नहीं
स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।
ऐसे में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रश्नों की एक सूची पेश की और सवाल किया कि किशोर न्याय देखभाल
और बच्चों की सुरक्षा अधिनियम की धारा 75 वर्तमान मामले में कैसे लागू होगी। किशोर न्याय देखभाल
और बच्चों की सुरक्षा अधिनियम की धारा 75 बच्चों पर हमला, दुर्व्यवहार या अनावश्यक मानसिक या
शारीरिक पीड़ा पहुंचाने से जुड़ी हुई है। जिसके तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने
मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को तय की है।
