स्वाति मालीवाल केस ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किले

स्वाति मालीवाल केस ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किले
स्वाति मालीवाल केस ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किले

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ दिल्ली के

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई बदसलूकी का मामला अब

पूरी तरीके से सियासी उबाल ले चुका है। मामला थाने में पहुंच गया है।

दिल्ली पुलिस इसकी जांच भी कर रही है। लेकिन सियासी वार-पलटवार

का दौर जबरदस्त तरीके से जारी है। भाजपा जहां अरविंद केजरीवाल और

उनके बेहद करीबी विभव कुमार पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। तो

वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इसे भाजपा की साजिश बता रही है।

दिलचस्प यह भी है कि पहले आम आदमी पार्टी ने स्वीकार किया था कि

विभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी की है। लेकिन दो

दिन बाद आप ने साफ तौर पर कहा कि अरविंद केजरीवाल और विभव

कुमार को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर भाजपा

ने एक साजिश रची है। इसी को लेकर लगातार वार-पलटवार का दौर जारी है।  

भाजपा का आरोप

भाजपा इसे अरविंद केजरीवाल नाटक बता रही है। भाजपा साफ तौर पर कह रही

है कि महिलाओं की हितैषी बनने वाले केजरीवाल अपने घर पर ही एक महिला

संसद को पिटवा देते हैं। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल

अपने आवास पर एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को बचाने की

कोशिश कर रहे हैं। विभव कुमार के खिलाफ अरविंद केजरीवाल कुछ क्यों नहीं

बोल रहे हैं? वह उसे बचाने की कोशिश क्यों कर रहा है? उसने एक महिला के साथ

गलत व्यवहार किया है? उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी नष्ट कर दिया है, क्यों? इतनी

बड़ी साजिश की गई है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि विभव कुमार

की गिरफ्तारी सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के अंदर से की गई है, जिससे

दिल्ली के लोगों को यह संदेश जाता है कि सीएम केजरीवाल का आवास गुंडों के लिए

सुरक्षित ठिकाना बन गया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल राजनीतिक नाटक कर रहे

हैं, मालीवाल मामले में चुप्पी क्यों साध रखी है? 

आप का पक्ष

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी पुलिस ने मुख्यमंत्री

अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को उसी समय गिरफ्तार किया, जब

अदालत में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। आतिशी ने

शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल अवैध भर्ती

मामले में गिरफ्तारी का सामना कर रही हैं और उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने

‘ब्लैकमेल’ कर मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ साजिश का हिस्सा बनाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ‘भाजपा का हथियार’ है और राष्ट्रीय

राजधानी में लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल को निशाना बना रही है।

आतिशी ने कहा, ‘‘वह अंदर क्यों गईं? वह मुलाकात का समय लिये बिना

मुख्यमंत्री के आवास पर क्यों पहुंचीं? उस दिन अरविंद केजरीवाल व्यस्त थे

और उनसे नहीं मिले। अगर वह उस दिन उनसे मिले होते, तो बिभव कुमार

के खिलाफ लगाए गए आरोप उनके (केजरीवाल के) खिलाफ लगाए जा सकते थे।’’

कौन हैं बिभव कुमार?

पूर्व वीडियो पत्रकार बिभव कुमार पहली बार 2000 के दशक की शुरुआत में आप नेता

अरविंद केजरीवाल से जुड़े थे। जब वह इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्यों द्वारा शुरू की

गई एक पत्रिका के लिए वीडियो संपादक के रूप में काम कर रहे थे। वह तब से केजरीवाल

के साथ बने हुए हैं, उनके रोजमर्रा के कामों में उनकी मदद कर रहे हैं और दिल्ली सीएम

के सर्कल में सबसे विश्वसनीय लोगों में से एक बन गए हैं। दावा है कि कुमार ने सीएम के

साउंडिंग बोर्ड के रूप में भी काम किया। हाल ही में वह तब सुर्खियों में आए जब उन्हें

दिल्ली सतर्कता विभाग द्वारा दिल्ली के सीएम केजरीवाल के निजी सचिव के रूप में

नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, जिसमें उनकी “अवैध नियुक्ति” का हवाला दिया

गया था। एक अदालत ने स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट मामले में केजरीवाल

के सहयोगी बिभव कुमार की पांच दिन की पुलिस हिरासत को मंजूरी देते हुए कहा कि

आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजा जाना ‘‘आवश्यक’’ है। 

स्वाति मालीवाल केस ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किले

स्वाति मालीवाल ने कह रही है कि उनकी पार्टी के सहयोगियों ने कभी निर्भया के लिए

न्याय मांगा था लेकिन आज वे एक ऐसे व्यक्ति का समर्थन कर रहे हैं जिसने उनके साथ

साथ मारपीट की है। उन्होंने कहा कि अगर आप नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष

सिसोदिया आज यहां होते तो ‘‘शायद मेरे लिए चीजें इतनी बुरी नहीं होतीं।’’ जाहिर सी

बात है कि चुनावी मौसम है और स्वाति मालीवाल द्वारा किए गए दावे आम आदमी

पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। शायद यही कारण है कि आम आदमी पार्टी पूरे

मामले को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रखने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर भाजपा

जबरदस्त तरीके से आम आदमी पार्टी पर हमलावर है। भाजपा की कोशिश है कि इसे

आम आदमी पार्टी के महिला विरोधी सोच के तौर पर पेश किया जाए ताकि चुनाव में

आधी आबादी का समर्थन उसे मिल सके। 

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