
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आजे से शुरू हुआ। पहले ही दिन विपक्ष और सरकार के बीच
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से कथित तौर पर ‘हिंदी’ भाषा थोपे जाने को लेकर एक
बार फिर टकराव देखने को मिला। डीएमके सांसदों ने केंद्र पर शिक्षा निधि रोकने का आरोप
लगाया और सवाल किया कि क्या राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के लिए
स्कूल फंड का इस्तेमाल करना उचित है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हमले का जवाब
दिया और विरोध करने वाले सदस्यों पर एनईपी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने मतदाता सूची के मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा की मांग उठाई। वहीं,
संसद के दोनों सदनों ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने पर सोमवार को भारतीय क्रिकेट
टीम को बधाई दी और भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। लोकसभा में सोमवार
को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर द्रमुक सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही आधे घंटे के लिए
स्थगित करनी पड़ी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्षी दल पर तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य
को बर्बाद करने का आरोप लगाया। पीएमश्री योजना को लेकर द्रमुक सांसद टी सुमति के पूरक
प्रश्न पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जवाब के बाद द्रमुक सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा में द्रमुक सदस्यों के विरोध के बाद
अपने वक्तव्य से एक शब्द वापस ले लिया और आसन ने भी इस शब्द को सदन की
कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
हंगामे के साथ शुरू हुआ बजट सत्र का दूसरा चरण
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों में कथित
गड़बड़ी का मुद्दा सदन में उठाया और इस पर सदन में चर्चा की मांग की। सदन में शून्यकाल
के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों को
लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि मतदाता सूची सरकार नहीं
बनाती, लेकिन पूरे देश में मतदाता सूची को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।’’ राहुल गांधी ने
कहा, ‘‘पूरा विपक्ष यह मांग कर रहा है कि मतदाता सूची पर चर्चा हो जाए।’’ कांग्रेस के
कई सदस्यों ने केरल में ‘आशा’ कार्यकर्ताओं के आंदोलन का विषय सोमवार को लोकसभा
में उठाया और केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बैठक बुलाकर मामले का समाधान किया
जाए। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर, वीके श्रीकंदन और शफी परम्बिल ने
शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाया।समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आनंद भदौरिया ने
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक पत्रकार की हत्या का मुद्दा सोमवार को लोकसभा में
उठाया और इस घटना की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आग्रह किया।