
द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और भाजपा के बीच वार-पलटवार के बीच केंद्रीय मंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा दावा किया है। शिवराज ने संसद में कहा कि मैं खुद दो बार
तमिलनाडु गया हूं, एक बार कृषि विभाग के काम से और एक बार ग्रामीण विकास के
काम से। अब मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन दोनों ही मौकों पर न तो ग्रामीण
विकास मंत्री और न ही कृषि मंत्री मेरी बैठक में आए। मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि
केंद्र सरकार लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि
केंद्र सरकार किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा
कि कोई नाम शेष है तो हमें बताए, मैं खुद वहां चला जाउंगा।
हम सब भारत मां के लाल भेदभाव का कहां सवाल
तमिलनाडु से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य
के साथ भेदभाव नहीं करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई नाम शेष है तो हमें बताए, मैं खुद
वहां चला जाउंगा। उन्होंने कहा कि हमसब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल। उन्होंने
कहा कि हम तमिलनाडु के महान लोगों को सलाम करते हैं, तमिल संस्कृति को सलाम करते हैं,
तमिल भाषा को सलाम करते हैं, हम सभी भारत माता के बेटे हैं, भेदभाव का कोई सवाल ही
नहीं है। हम विनम्रता के साथ तमिलनाडु के लोगों और किसानों की सेवा करेंगे।पीएम किसान
एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका 100 प्रतिशत वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता
है। 1 दिसंबर, 2018 से लागू इस योजना के तहत सभी भूमिधारक किसान परिवारों को तीन
समान किस्तों में 6,000 रुपये की वार्षिक आय सहायता प्रदान की जाती है। राज्य सरकारें और
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सहायता के लिए पात्र किसान
परिवारों की पहचान करते हैं।