हाथों में हथकड़ी सैन्य विमान ट्रंप ने भारतीयों के साथ क्या किया ऐसा

हाथों में हथकड़ी, सैन्य विमान ट्रंप ने भारतीयों के साथ क्या किया ऐसा
हाथों में हथकड़ी, सैन्य विमान ट्रंप ने भारतीयों के साथ क्या किया ऐसा
अधिकारी ने पुष्टि की कि सी-17 सैन्य विमान ने भारतीय प्रवासियों को लेकर उड़ान भरी, जिसके 24
घंटे के भीतर भारत पहुंचने की उम्मीद है। पिछली निर्वासन उड़ानों ने प्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू
और होंडुरास भेजा है। हालाँकि, ट्रम्प के दोबारा कार्यालय संभालने के बाद यह पहली बार है कि भारत
को सैन्य निर्वासन कार्यक्रम में शामिल किया गया है।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दोस्त
डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए अमेरिका जाने वाले हैं। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा फ्रांस के उनकी
यात्रा के ठीक बाद रखी गई है। लेकिन पीेएम मोदी का विमान अमेरिका में लैंड करता उससे पहले ही
अमेरिकी सैन्य विमान ने नई दिल्ली में टच डाउन कर लिया है। अवैध रूप से रह रहे भारतीयों पर
अमेरिका की ट्रंप सरकार ने बड़ा एक्शन ले लिया है। सैन्य विमान से भारतीयों को वापस अपने
मुल्क रवाना कर दिया गया। यानी अमेरिका में अवैध भारतीय प्रवासियों की डिपोर्टिंग शुरू कर
दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यभार संभालने से पहले ही ये साफ कर दिया था कि जो लोग अमेरिका
में अवैध रूप से रह रहे हैं, उनको उनके देश वापस भेजा जाएगा। इस दिशा में वो मैक्सिको के लोगों
के खिलाफ ये कदम उठा चुके हैं। कोलंबिया के लोग उनकी लिस्ट में हैं और अब खबर आई है कि
भारतीयों के खिलाफ भी उन्होंने बड़ा एक्शन लिया है। 

हाथों में हथकड़ी सैन्य विमान ट्रंप ने भारतीयों के साथ क्या किया ऐसा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने पुष्टि की कि सी-17 सैन्य विमान ने भारतीय प्रवासियों

को लेकर उड़ान भरी, जिसके 24 घंटे के भीतर भारत पहुंचने की उम्मीद है। पिछली निर्वासन उड़ानों

ने प्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास भेजा है। हालाँकि, ट्रम्प के दोबारा कार्यालय संभालने

के बाद यह पहली बार है कि भारत को सैन्य निर्वासन कार्यक्रम में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में

कहा गया है कि पेंटागन ने अब एल पासो, टेक्सास और सैन डिएगो, कैलिफोर्निया में हिरासत में

लिए गए 5,000 से अधिक प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए उड़ानों की व्यवस्था करना शुरू

कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चर्चा में भारत से अवैध अप्रवासन पर चिंता जताई है। मोदी

के साथ अपनी बातचीत के बारे में बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत बिना

दस्तावेज वाले भारतीय प्रवासियों की वापसी को स्वीकार करने में वही करेगा जो सही है। हम अभी

बात कर रहे हैं। अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ

पहली बैठक में भी गैरकानूनी तौर पर रहने वाले भारतीयों का मुद्दा उठाया था।  ब्लूमबर्ग की एक

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत सरकार ट्रंप के नए प्रशासन को खुश करने के लिए 20

हजार भारतीयों को वापस डिपोर्ट करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अलग अलग मीडिया

रिपोर्ट में प्रवासियों की संख्या को लेकर अलग अलग दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अनुमानित

20 हजार अप्रवासी इस वक्त अमेरिका में है।

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