हाथ से मैला ढोने वालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाएं 

हाथ से मैला ढोने वालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाएं 
हाथ से मैला ढोने वालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाएं 
सेप्टिक टैंक कर्मचारी को बारिश से पहले पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपकरण मिल जाने चाहिए।
ऐसे सभी कर्मचारियों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाया जाना चाहिए।
दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने
का निर्देश दिया कि हाथ से मैला ढोने वाले लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाया जाए और
मानसूनी बारिश शुरू होने से पहले उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराई जाए।
हाथ से मैला उठाने के रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम तथा राष्ट्रीय मशीनीकृत
स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) योजना के सिलसिले में यहां आयोजित एक बैठक को
संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “हर सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारी को बारिश से पहले पीपीई
किट और अन्य सुरक्षा उपकरण मिल जाने चाहिए। ऐसे सभी कर्मचारियों को आयुष्मान भारत
स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाया जाना चाहिए।” सिंह ने दिल्ली नगर निगम को निरीक्षकों
के माध्यम से अनधिकृत कॉलोनियों में सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।नयी दिल्ली
नौ मई (भाषा)

हाथ से मैला ढोने वालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाएं

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों को
यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हाथ से मैला ढोने वाले लोगों को आयुष्मान भारत
योजना के तहत लाया जाए और मानसूनी बारिश शुरू होने से पहले उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा
उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराई जाएहाथ से मैला उठाने के रोजगार का निषेध और
उनका पुनर्वास अधिनियम तथा राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र
(नमस्ते)योजना के सिलसिले में यहां आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए
सिंह ने कहा, “हर सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारी को बारिश से
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