दिल्ली नगर निगम चुनाव के एग्जिट पोल देखने के बाद
दिल्ली नगर निगम चुनाव के एग्जिट पोल देखने के बाद आज मैं मुस्लिम समुदाय की प्रशंसा करना चाहता हूं।
शिक्षित हिंदू केवल मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, व्हाट्सएप, फेसबुक,
टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के साथ साथ खाने पीने और मौज़-मस्ती तक के लिए ही शिक्षित है।
हिंदू केवल खाने पीने और मौज़-मस्ती तक के लिए ही शिक्षित है
वोट देने के मामले में अनपढ़ और गवार से भी बड़ा जाहिल है। भारत में मुस्लिम शिक्षित हों
या अशिक्षित, अमीर हों या गरीब, अगड़े हों या पिछड़े, उनका मतदान 80 से 90% से ऊपर होता है।
उन्हें वोट देने के लिए कार की आवश्यकता नहीं है।
वे अनपढ़ हैं फिर भी उन्हें अपने वोट की ताकत v कीमत का पता है।
संगठित मुस्लिमों की मतदान की शक्ति ने ही सत्ता हड़प लिया
पढ़े-लिखे हिन्दुओं को पता नहीं है क्या कि भारत के दो हिस्सों (पाकिस्तान बांग्लादेश) और
कुछ राज्यों को वोट बैंक और संगठित मुस्लिमों की मतदान की शक्ति ने ही सत्ता हड़प लिया।
वो लोग कभी टमाटर, प्याज, पेट्रोल गैस की बोतल या बढ़ती कीमतों की शिकायत नहीं करते,
वो जानते हैं कि अगर देश को टमाटर और प्याज के दाम मिलते हैं तो ये सस्ता सौदा है
और उन्होंने वाजपेयी जैसे ईमानदार नेता की सरकार को कुछ के लिए छोड़ दिया है.
हिंदू केवल खाने पीने और मौज़-मस्ती तक के लिए ही शिक्षित है
हिन्दू हो या प्याज और आलू वास्तव में यही जनसंख्या विस्फोट बेरोजगारी गरीबी महंगाई
के लिए जिम्मेदार है। भले ही बीजेपी ने अयोध्या, काशी, महाकाल कॉरिडोर,
अनुच्छेद 370, हिंदुओं का स्वाभिमान, आयुष्मान भारत, मजबूत सेना, सफल विदेश नीति,
हज सब्सिडी की समाप्ति, तीन तलाक जैसे कई काम किए, हम राजनीति के मामले में अंधे हैं,
उनका मतदान 80 से 90% से ऊपर होता है।
हम अपने बच्चों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के प्रति लापरवाह हैं।