हिमाचल में अयोग्य विधायकों को पेंशन नहीं
हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक 2024 मुख्यमंत्री
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेश किया। विधेयक में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति संविधान
की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी बिंदु पर अयोग्य घोषित
किया गया है तो वह अधिनियम के तहत पेंशन का हकदार नहीं होगा। हिमाचल प्रदेश
विधानसभा में दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए सदस्यों के लिए
पेंशन लाभ रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा
(सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक 2024 मुख्यमंत्री
सुखविंदर सिंह सुक्खू
ने पेश किया। विधेयक में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति संविधान की दसवीं अनुसूची
(दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी बिंदु पर अयोग्य घोषित किया गया है तो
वह अधिनियम के तहत पेंशन का हकदार नहीं होगा। हालाँकि उप-चुनाव के माध्यम
से सुधीर शर्मा और इंदर दत्त लखनपाल ने अपनी सीटें फिर से हासिल कर लीं,
लेकिन अन्य चार फिर से चुनाव जीतने में असफल रहे। इन छह विधायकों
ने 27 फरवरी, 2024 को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष
महाजन का भी समर्थन किया था।
हिमाचल में अयोग्य विधायकों को पेंशन नहीं
इस साल की शुरुआत में छह कांग्रेस विधायकों-सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजिंदर राणा,
इंदर दत्त लखनपाल, चेतन्य शर्मा और देविंदर कुमार को 2024-25 के बजट के पारित
होने और चर्चा के दौरान मतदान से अनुपस्थित रहकर पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने
के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालाँकि उप-चुनाव के माध्यम से सुधीर
शर्मा और इंदर दत्त लखनपाल ने अपनी सीटें फिर से हासिल कर लीं, लेकिन अन्य
चार फिर से चुनाव जीतने में असफल रहे। इन छह विधायकों ने 27 फरवरी, 2024
को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन का भी समर्थन किया था।
संशोधन के उद्देश्यों और कारणों का विवरण विधेयक की आवश्यकता पर प्रकाश डालता
है, जिसमें दलबदल को हतोत्साहित करने, संवैधानिक उल्लंघनों को रोकने, लोगों के
जनादेश की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए 1971 अधिनियम
में प्रावधानों की अनुपस्थिति का हवाला दिया गया है।